कोरोना वायरस से भारतीय व्यापार और लघु उद्योग पर मंडरा रहा खतरा: खंडेलवाल

नई दिल्‍ली, 17 फरवरी (हि.स.). कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कोरोना वायरस की वजह से देश के व्यापार एवं लघु उद्योग पर पड़ने वाले प्रभाव पर गंभीर चिंता जताई है.

उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से न केवल हजारों लोग मारे गए हैं, बल्कि चीन के उद्योग एवं व्‍यापार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, जिसका अब भारत के व्यापार और लघु उद्योग पर उसका प्रतिकूल प्रभाव दिखना शुरू हो गया है.

खंडेलवाल ने कहा कि वर्तमान में चीन भारत के लिए सबसे बड़ा निर्यातक देश है. उन्‍होंने कहा कि यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो तैयार उत्पादों, स्पेयर पार्ट्स और उद्योगों के जरूरत और कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता भारत में व्यापार और छोटे उद्योगों को पंगु बना देगी.

कैट महामंत्री ने कहा कि माल की कमी के कारण कीमतों में बढ़ोतरी भी हो सकती है. उन्‍होंने कहा कि इसके लिए कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भेजे गए एक पत्र में उनसे मौजूदा स्थिति को दूर करने के लिए तुरंत व्यापार और उद्योग जगत की बैठक बुलाने का आग्रह किया है.

खंडेलवाल ने कहा कि भारत का व्यापार और उद्योग मोटे तौर पर तीन कारणों से चीन पर निर्भर है. हम तैयार माल का आयात करते हैं, जिसको देश में वितरित किया जाता है. उन्‍होंने कहा कि कच्‍चा माल जो समानों के उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे व्यापारियों और छोटे उद्योगों द्वारा स्पेयर पार्ट्स का असेंबलिंग कर तैयार किया जाता है.

उन्‍होंने कहा कि चीन से भारत प्रमुख रूप से खिलौने, फर्नीचर, बिल्डिंग हार्डवेयर, फुटवियर, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, उपभोज्य सामान, एफएमसीजी उत्पाद, गिफ्ट का सामान, मोबाइल, घड़ी, मोबाइल उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बिजली के सामान, चिकित्सा के सामान और सर्जिकल उपकरणों, फार्मास्युटिकल्स कंपनियों के लिए कच्‍चा माल, आयरन और स्टील के अन्य लंबे उत्पाद, कम लागत वाले एयरकंडिशनर, इंजीनियरिंग के सामान.

रसायन, निर्माण उपकरण, रसोई के उपकरण, ऑटो स्पेयर पार्ट्स, मशीनरी आइटम, कागज, स्टेशनरी आइटम, फर्टीलाइजर, कंप्यूटर एवं कंप्यूटर उपकरण, सोलर पैनल, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक एवं प्लास्टिक वस्तुओं का आयात करतरा है. इसके अलावा अगरबत्ती बनाने के लिए बांस की स्‍टीक समेत कई अन्य सामान चीन से आयात किए जाते हैं. यदि कहा जाए तो दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख वस्तुओं को चीन से आयात किया जा रहा है.

हिन्‍दुस्‍थान समाचार/प्रजेश/सुनीत

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