कोलकाता में बनी कोरोना मिठाई, छिपा है मीठा संदेश

कोलकाता. कोलकाता को मस्ती की नगरी कहते हैं जहां लाख गमों के माहौल में भी लोग यहां खुशियों का बहाना ढूंढ ही लेते हैं. आज जब जानलेवा कोरोना महामारी से पूरी दुनिया डरी सहमी हुई है, तब कोलकाता के एक मिठाई दुकानदार ने कोरोना वायरस जैसी दिखने वाली मिठाई बनाई है और इसे लोगों में मुफ्त में बांट भी रहे हैं. उनका संदेश साफ है कि कोरोना से बहुत अधिक डरने की जरूरत नहीं, इस मिठाई की तरह उसे भी एक दिन हमलोग अपना ग्रास बना लेंगे. यानी कोरोना का यह संकट भी खत्म हो जाएगा.

यह मिठाई खूब सुर्खियों में छाई हुई है. इसे बनाने वाले दुकानदार का नाम रविंद्र कुमार पॉल (80) है. रविंद्र की दुकान कोलकाता के जादवपुर इलाके में है. कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ शर्तों के साथ दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक कुछ मिठाई दुकान खोलने की अनुमति दी है. उसके बाद से मिष्ठान प्रेमी मनपसंद मिठाइयां खरीदने से किसी तरह से परहेज नहीं कर रहे हैं. इसी बीच पॉल बाबू की मिठाई दुकान लोगों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र बिंदु बन गई है. उन्होंने कोरोना की शक्ल की ना केवल मिठाई बनाई है बल्कि केक भी बनाए हैं. रविवार से उन्होंने इसका वितरण शुरू किया था. सोमवार को भी कुछ लोगों को मुफ्त में दिया गया लेकिन अब इसे खरीदने के लिए लोग पैसे भी दे रहे हैं.

रविंद्र कुमार पॉल ने बताया कि कोरोना को लेकर लोगों के मन में डर बैठ गया है. लोगों को लगता है कि शायद यह संकट नहीं टलेगा. इसी डर को दूर करने के लिए यह मिठाई बनाई. इसका शक्ल मैंने कोरोना वायरस का इसलिए दिया है ताकि इसे खाने के बाद लोग यह निश्चय कर सकें कि जिस तरह से यह मिठाई खाए हैं उसी तरह से हमारे देश में एक दिन कोरोना भी ग्रास बन जाएगा और यह महामारी खत्म होगी. हालांकि इस संकट की घड़ी में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और घरों में सीमित रहने पर भी रविंद्र कुमार पॉल ने जोर दिया है. उन्होंने बताया कि जो लोग भी मिठाई खरीद रहे हैं उन्हें घरों में रहने की सलाह वह लगातार दे रहे हैं. उन्होंने लोगों से कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारों की जो भी निर्देशिका है उसका सख्ती से पालन होना चाहिए. पॉल बाबू ने कहा कि कोरोना से यह लड़ाई हम तभी जीत सकेंगे जब एकजुट होकर सामुदायिक दूरी के नियमों का पालन करें.

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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