गुजरातः पहली बार होगा कोरोना पीड़िताें के शवों का पोस्टमार्टम

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अहमदाबाद, गुजरात।

कोविड अस्पताल में आग लगने वालों का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जायेगा. यह पहली बार होगा जब कोरोना रोगियों का पोस्टमार्टम किया जायेगा. इसी बीच मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने आग लगने की घटना में मारे गये लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है.

अहमदाबाद सिविल के प्रभारी डॉ. एमएम प्रभाकर ने बताया कि कोविड के लिये बने श्रेय अस्पताल में आग लगने से मरने वालों के शव सिविल अस्पताल ले जाये जा रहे हैं. वहां  सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार उनका पोस्टमार्टम किया जायेगा. उन्होंने बताया कि डॉक्टर व अन्य कर्मी पीपीई किट पहनकर ही पोस्टमार्टम करेंगे.

गुजरात में पहली बार किसी कोरोना मरीज के शव का पोस्टमार्टम अहमदाबाद सिविल में किया जायेगा. उसके बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उन्होंने बताया कि अस्पताल में आग लगने के बाद राहत कार्य के दौरान कई लोग कोरोना रोगियों के संपर्क में आए हैं. उन सभी का कोरोना टेस्ट करवाया जायेगा.

इसी बीच मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने अस्पताल में आग लगने की घटना में मारे गए कोरोना रोगियों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. इसके अलावा घायल लोगों को भी 50 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी. मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का उचित इलाज करने के निर्देश भी दिये हैं.

अहमदाबाद के अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद सूरत के साथ अन्य स्थानों के अस्पतालों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था होने की जांच शुरू की जा रही है. सीएम रूपाणी ने अहमदाबाद के श्रेय अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव संगीता सिंह जांच का नेतृत्व करेंगी. मुख्यमंत्री ने तीन दिन में  जांच रिपोर्ट मांगी है. इससे पूर्व पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायल मरीजों को 50,000 रुपये की राशि देने की घोषणा की थी.

बता दें कि गुरुवार की सुबह तड़के लगभग साढ़े तीन बजे शहर के नवरंगपुरा इलाके में एक कोविड -19 नामित श्रेय अस्पताल में आग लग गई. आग लगने से पांच कोरोना रोगियों और तीन महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हो गयी. जबकि अन्य 42 मरीजों को एसवीपी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है.

माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी. हालांकि, दमकल विभाग अभी जांच कर रहा है. फिलहाल अस्पताल के बाहर मरीजों के परिवार और पुलिस के बीच तनातनी का माहौल है. पूरे अस्पताल को खाली कराने के बाद सील कर दिया गया है. अस्पताल को आग की घटना से बचाव संबंधी तैयारियों को लेकर मिलने वाली एनओसी भी जांच का विषय है.

हिन्दुस्थान समाचार/हर्ष