यूपीः जन्माष्टमी पर मंदिरों में नहीं होगा सामूहिक आयोजन, गृहस्थ अपने घरों में करेंगे पूजा

Shri Krishna
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गोरखपुर, यूपी।

जन्माष्टमी पर्व को भी कोरोना वायरस की नजर लग गई है. इस साल ना तो मंदिरों में कोई सामूहिक आयोजन होगा और न ही गृहस्थ अपनर घरों में पारंपरिक आयोजन ही कर सकेंगे. मंदिर के पुजारियों को खुद ही भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करनी होगी. तो गृहस्थों को भी अपने-अपने घरों में ही पूजापाठ करनी पड़ेगी. यहां तक कि पुलिस लाइंस में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सामूहिक रुप से न मानने का निर्णय लिया गया है.

गृहस्थ अपने-अपने घरों में जन्माष्टमी की झांकियां सजा सकेंगे. प्रशासन ने महिलाओं को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद सोहर गाकर खुशियां मनाने की छूट दी हैं, हालांकि इसमें भी केवल परिवार की महिलाओं को ही शामिल होने की इजाजत होगी. परंपरागत रूप से जन्माष्टमी के दिन गोरखपुर के प्रमुख मंदिरों पर राधा-कृष्ण की झांकियां सजाई जाती रहीं हैं और बड़ी संख्या में सामूहिक रूप से मंदिरों में पहुंचकर लोग पूजा-अर्चना करते रहे हैं. लेकिन कोरोना वायरस ने इस वर्ष आयोजन पर अंकुश लगा दिया है.

द्वापर के दृश्य का होता रहा है एहसास

गोरखपुर में पुलिस लाइन, रजही आरपीएसएफ कैम्प, रेलवे, पीएसी ग्राउंड और जलकल में जन्माष्टमी के दिन भव्य झांकियां सजाई जाती रहीं हैं. यहां पहुंचे लोगों को ‘द्वापर’ के दृश्य का अहसास होता रहा है. बड़ी संख्या में लोग इन स्थलों पर राधा-कृष्ण की झांकियां देखने पहुंचते रहे हैं. पूजा-अर्चना भी करते रहे हैं. सभी थानों पर जन्माष्टमी मनाई जाती रही है. पुलिसकर्मी बड़े उत्साह से सांस्कृतिक आयोजन भी करते रहे हैं.

एडीजी दावा शेरपा ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पुलिस लाइन तथा थानों पर सामूहिक रूप से जन्माष्टमी पर आयोजन नहीं किए जाएंगे. सावधानी रखना समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है.  जटाशंकर शिवमंदिर के मुख्य पुजारी पंडित देवेंद्र प्रताप ने बताया कि शिव मंदिर पर हर साल जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाती रही है. हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते रहे हैं.

हालांकि इस साल मंदिर में केवल पूजा-अर्चना ही होगी. सिर्फ पुजारी ही मंदिर में जन्माष्टमी मनाएंगे. गृहस्थों से गुजारिश की जा रही है कि वह अपने-अपने घरों में राधा-कृष्ण की झांकियां सजाएं और जन्माष्टमी मनाएं. विद्वत्समिति के महामंत्री डॉ. जोखन पांडेय शास्त्री ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत गृहस्थ 11 अगस्त को तथा वैष्णवमतावलम्बी 12 अगस्त को रखेंगे.

डॉ. शास्त्री ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत एवं जन्मोत्सव भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जो मध्य रात्रि में प्राप्त होती है. उस दिन गृहस्थ मनाते हैं. इस वर्ष 11 अगस्त मंगलवार को सूर्योदय प्रातः 5:30 बजे है सप्तमी तिथि प्रातः 6 बजकर 14 मिनट तक है. इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारम्भ हो जाएगी. यह दूसरे दिन बुधवार को प्रातः 8:01 बजे तक है. कृतिका नक्षत्र रात्रि 1:29 बजे तक है.

उन्होंने बताया कि 11 अगस्त मंगलवार को रात्रि 12 बजे अष्टमी तिथि प्राप्त हो रही है. इसलिए गृहस्थ इसी दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत एवं भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे. वैष्णव संप्रदाय के लोग उदयकालीन अष्टमी तिथि में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करेंगे. इसलिए वैष्णव लोग दूसरे दिन 12 अगस्त बुधवार को व्रत रखेंगे. इस दिन सूर्योदय 5.31 बजे पर है तथा अष्टमी तिथि प्रातः 8:01 बजे तक है.

हिन्दुस्थान समाचार/आमोद