उद्घाटन से पूर्व ध्वस्त हुआ गंगा पर बना महासेतु का संपर्क पथ

बक्सर, 11 अक्टूबर. चक्की प्रखंड के बयासी गांव के पास गंगा नदी पर बने महासेतु का उदघाटन वर्ष 2020 जनवरी माह में होना था लेकिन इससे पहले ही बुधवार को नव निर्मित सेतु का एप्रोच मार्ग गंगा में आई बाढ़ के दबाव के कारण धारासाई हो गया.

बिहार और यूपी को जोड़नेवाली इस महासेतु का एप्रोच मार्ग का सिरा यूपी का है. सेतु के एप्रोच मार्ग के ध्वस्त होने की सूचना पर तत्काल यूपी प्रशासन की ओर सेसेतु को सील कर किसी भी आवागमन पर स्थाई तौर पर रोक लगा दी गई है.

केंद्र के इस महत्वपूर्ण योजना के पूर्ण होने से गोरखपुर, देवरिया, बलिया जौनपुर आदि यूपी के जनपदों की दूरी कम समय और आसानी से हो गया था. उदघाटन पूर्व ट्रायल हेतु इस पर छोटे वाहनों का परिचलन भी हो रहा था.

इस एप्रोच मार्ग से बक्सर और यूपी के बलिया जिला मुख्यालयों पर पड़ने वाला वाहनों का दबाव भी काफी कम हुआ था. एप्रोच मार्ग के निर्माण को लेकर संवेदकों के ओर से की जा रही अनियमितता को लेकर यूपी और बिहार के लोगों ने अपने-अपने मात हट अधिकारियों के समक्ष आपत्ति भी दर्ज कराई थी लेकिन सब ठीक है की तर्ज पर काम होता रहा.

यह तो गनीमत की बात रही की बीते बुधवार रात एप्रोच मार्ग ध्वस्त होने के गंगा सेतु पर आवागमन बंद था. संवेदक की ओर से बगैर डोजर भरे सिर्फ मिट्टी और बालू के सहारे एप्रोच सड़कों का पक्कीकरण किया जाना लोगो की जिंदगी के साथ खिलवाड़ ही था.

स्थानीय जदयू नेता अशोक सिंह भाजपा नेता राघो सिंह, किसान नेता रामजी सिंह का कहना है कि जब तक सेतु के एप्रोच मार्ग के दक्षिणी सिरे को बक्सर कोइलवर तटबंध जोड़ा नहीं जाएगा तब तक सेतु की सार्थकता सिद्ध नहीं होगी.

ध्वस्त एप्रोच मार्ग को लेकर यूपी -बिहार के अधिकारियों ने दौरे के बाद बताया कि फिलवक्त गंगा के जल में कमी का इंतजार है पानी के घटते ही एप्रोच मार्ग पर काम पुनः शुरू किया जाएगा. हिन्दुस्थान समाचार/अजय मिश्रा

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