चीन मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग, कांग्रेस सांसदों ने वॉकआउट किया

Rajnath Singh Lok Sabha
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चीन के साथ सीमा पर गतिरोध के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने में लगी कांग्रेस पार्टी लगातार संसद में चर्चा कराने की मांग कर रही है. ऐसे में कांग्रेस सांसद लगातार सदन में स्थगन प्रस्ताव भी पेश कर रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही.

इस बीच मंगलवार को लोकसभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के मुद्दे पर बयान ​देकर​​ ​’लद्दाख में सीमा पर हालात’ के बारे में देश को अवगत करा​या. हालांकि जब इस विषय पर विपक्ष ने सदन में चर्चा कराने की मांग की तो एक बार फिर उनकी मांग को नकार दिया गया, जिससे नाराज कांग्रेस सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

चीन के मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों को बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर सदन से वॉकआउट के बाद कांग्रेस सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन भी किया. इस दौरान लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमारी मांग सिर्फ यही थी कि हमें भी इस मुद्दे पर बोलने दिया जाए. आखिर विपक्ष का भी तो कोई अधिकार है.

.उन्होंने यह भी कहा कि देश की सेना और जवानों के हौसलों को लेकर बोलने का हक सबको होना चाहिए. ये देश हमारा भी है, सिर्फ राजनाथ सिंह जी का नहीं है. सदन से कांग्रेस सांसदों के वॉकआउट पर उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि अगर सरकार सिर्फ अपनी ही बात कहेगी और विपक्ष की आवाज को दबाएगी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ‘हमारे नेता अधीर रंजन चौधरी हमारे सैनिकों के साथ एकजुटता का संदेश देना चाहते थे. साथ ही वह चीन को कड़ी चेतावनी दे रहे थे कि वे हमारे धैर्य की परीक्षा न लें. लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार को लगता है कि केवल वे ही सेना के समर्थन में बोल सकते हैं.

दरअसल विपक्ष द्वारा चीन के मुद्दे पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के आरोपों के बीच आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को संसद में बयान देना था. राजनाथ सिंह ने जब ​’LAC’ की स्थिति से देश को अवगत कराने के दौरान कहा कि सदन को प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि पूरा देश सशस्त्र बलों के साथ है.

उन्होंने कहा कि हमारे जवान देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए डटकर खड़े हैं. वहीं इसी बात को लेकर सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन ने कहा कि देश सेना के साथ है और रहेगा. विपक्ष भी अपनी बातों से सेना के प्रति निष्ठा और जवानों के हौसलों को लेकर अपना पक्ष रखना चाहता है. लेकिन सदन में विपक्ष को बोलने की इजाजत नहीं मिलने पर नाराज कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया.

हिन्दुस्थान समाचार/आकाश