महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के पाले में कांग्रेस ने डाली गेंद

मुंबई, 26 अक्टूबर
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना गठजोड़ की संभावनाओं के बीच शनिवार को कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि शिवसेना की तरफ से इस तरह का कोई प्रस्ताव पार्टी को प्राप्त नहीं हुआ है. यदि शिवसेना की ओर से प्रस्ताव आता है तो पार्टी आलाकमान के आदेश पर राज्य की जनता के हित में निर्णय लिया जाएगा.

महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार बनाने के सवाल पर 13वीं विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष वडेट्टीवार ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी. वह अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार बनाने के लिए शिवसेना से हाथ मिलाने की पहल नहीं करेगी. हमें सत्ता की लालच नहीं है.

राज्य की जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है. हम विपक्ष में ही रहेंगे. यदि शिवसेना की ओर से गठबंधन का प्रस्ताव आता है तो पार्टी आलाकमान को सूचित किया जाएगा. पार्टी आलाकमान और एनसीपी मुखिया शरद पवार उस पर अंतिम निर्णय लेंगे. पार्टी आलाकमान के आदेश पर राज्य की जनता के हित में फैसला लिया जाएगा.

कांग्रेस और शिवसेना की विचारधारा अलग है तो क्या सरकार बनाने के लिए दोनों का साथ आना उचित होगा, इस सवाल के जवाब में वडेट्टीवार ने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए राजनीति में कुछ भी संभव है. पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी और शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहेब ठाकरे आपातकाल के दौरान साथ आए थे.

वडेट्टीवार ने कहा कि महायुति (भाजपा-नीत गठबंधन) की पिछली सरकार में भाजपा ने शिवसेना के साथ ज्यादती की. अब शिवसेना को अवसर मिला है. शिवसेना सरकार बनाए और उसका मुख्यमंत्री बने, यह शिवसेना के लिए सुनहरा मौका हाथ आया है. यदि इस बार शिवसेना सरकार नहीं बना सकी तो कभी नहीं बना सकती. वडेट्टीवार ने यह कहते हुए चुटकी ली कि शिवसेना को ईडी का विचार करते हुए साहसी निर्णय लेना होगा.

महाराष्ट्र में 14वीं विधानसभा का चुनाव संपन्न हो चुका है. भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने फिर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. हालांकि सरकार में सम्मानजनक हिस्सेदारी और मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों दलों में खींचतान जारी है. भाजपा की 30 अक्टूबर को विधायक दल की बैठक होगी.

भाजपा को 105, शिवसेना 56, एनसीपी 54, कांग्रेस 44, बहुजन विकास आघाड़ी तीन, सपा दो, एआईएमआईएम दो, प्रहार जनशक्ति पार्टी एक, मनसे एक, माकपा एक, जनसुराज्य शक्ति एक, क्रांतिकारी शेतकरी पार्टी एक, पीजैन्ट्स एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया एक, राष्ट्रीय समाज पक्ष एक और स्वाभिमानी पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की है. कुल 13 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं.

हिन्दुस्थान समाचार / विनय

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