मोदी को सत्ता से दूर रखने के लिए CONGRESS ने बनाया कोर ग्रुप, एक्शन में हैं नायडू और सोनिया…

नई दिल्ली. आखिरी चरण के मतदान और लोकसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले जोड़-तोड़ की कवायद शुरू हो गई है. यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कांग्रेस नेतृत्व के साथ सरकार गठन की संभावनाओं को लेकर पार्टी की रणनीति तैयार करने के लिए सक्रिय हो गई हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने अहमद पटेल, ए के एंटनी और अन्य के साथ विचार विमर्श किया.

त्रिशंकु संसद की स्थिति में पार्टी की रणनीति- माना जा रहा है कि कांग्रेस के इन सभी नेताओं ने संभावित त्रिशंकु संसद की स्थिति में पार्टी की रणनीति तैयार की. कांग्रेस सरकार गठन की सभी संभावनाएं तलाश रही है. कांग्रेस ने अगली सरकार बनाने के अपने दावे को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है.

अगुवाई कर रहे हैं चंद्रबाबू नायडू- केंद्र में बीजेपी को सत्ता से दूर रखने और गठबंधन की सरकार बनाने की अगुवाई आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू कर रहे हैं.

नायडू ने की कई नेताओं से मुलाकात- इसी क्रम में चंद्रबाबू नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलने के बाद रविवार शाम लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की.

बनाया गया कोर ग्रुप- तेलुगूदेशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू की कवायद के बीच कांग्रेस ने दूसरे दलों से वार्ता के लिए पांच वरिष्ठ नेताओं का कोर ग्रुप बनाया है. इसमें पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत शामिल हैं. सबकी अलग-अलग जिम्मेदारी होगी.

23 मई को होने वाली बैठक में संशय के बादल -सोनिया द्वारा 23 मई को बुलाई गई विपक्ष की बैठक पर संशय के बादल हैं. बैठक में ममता का प्रतिनिधि नहीं होगा. स्टालिन खुद न आकर इलानगोवन को भेज रहे हैं. शरद पवार ने हामी नहीं भरी है. वामदलों का कहना है कि उन्हें सोनिया का न्यौता नहीं मिला है.

अगर त्रिशंकु लोकसभा की स्थिति बनती है तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि कोई क्षेत्रीय दल का नेता प्रधानमंत्री पद का दावेदार हो और कांग्रेस समेत सभी अन्य विपक्षी दल उसे समर्थन दे दें. इसी जोड़-तोड़ में चंद्रबाबू नायडू लगे हुए हैं.

लोकसभा चुनाव के लिए आखिरी चरण का मतदान रविवार (19 मई) को है. जबकि सभी संसदीय सीटों के नतीजे एक साथ 23 मई को आएंगे, लेकिन इससे पहले ही बीजेपी विरोधी मोर्चा बनाने की कवायद तेज हो गई है.

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