बागियों की घर वापसी को कांग्रेस बेताब, घटते जनाधार पर मंथन जारी

देहरादून, 19 अक्टूबर

घटते जनाधार पर कांग्रेस अब समग्र चिंतन की स्थिति में आ गई है. पार्टी ने बागी नेताओं को भी अब घर वापस लाने का मन बना लिया है. पंचायत चुनाव में बगावत का झंडा बुलंद किए नेताओं की घर वापसी कांग्रेस नेताओं का सकारात्मक रुख इसी बात का संकेत देता है कि कांग्रेस के बागियों की वापसी पर कोई गुरेज नहीं है.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता विपक्ष इंदिरा हृदयेश ने इस मुद्दे पर पहले ही अपना रुख स्पष्ठ किया जा चुका है. अब प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी यह कहकर अपनी सहमति जता रहे हैं कि इसमें बुराई क्या है और नया क्या है? राजनीति में यह सब चलता ही रहता है. इस बाबत प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि देर सवेर यह सब तो होना ही है. लोग जाते भी है और आते भी है अभी यह तो नहीं कहा जा सकता है कि कौन-कौन आयेंगे और कब आयेंगे. लेकिन अगर आते है तो स्वागत है. राजनीति के लिए यह कोई नयी बात नहीं है.

शनिवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि अगर उनके बस में या हाथ में होता तो वह वैसा कुछ भी होने ही नहीं देते जो 2016 में हुआ. जो पार्टी छोड़कर गये वह उन्हे नहीं जाने देते. उन्होने कहा कि पार्टी हाईकमान के हाथ में सब कुछ है. हां मैने भी सुना है कुछ लोग मुझे भी मिले है अच्छी बात है उन्होने कहा कि यह सब समय की जरूरत भी है. उन्होने कहा कि पार्टी हित में जो कुछ होता है वह सब कुछ अच्छा है.

कुवंर प्रणव चैम्पियन को भाजपा से निकाले जाने और रायपुर विधायक काऊ को अनुशासन हीनता पर नोटिस दिये जाने व डा. हरक सिंह द्वारा उनका बचाव किये जाने के बाद इन पूर्व बागी कांग्रेसी नेताओं के द्वारा भाजपा में घुटन महसूस किये जाने की बात सामने आयी थी.जिस पर इंदिरा हृदयेश भी काऊ का समर्थन करती नजर आयी थी तभी से इन बागी पूर्व कांग्रेसियों की घर वापसी का मुद्दा चर्चाओं में है. इस पर हरीश रावत पहले ही कह चुके है कि जो अब आना चाहते है आ जाये, फिर मौका नहीं मिलेगा.

हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती

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