गुजरातः 45 मिनट देर से पहुंची एंबुलेंस, मुख्यमंत्री के रिश्तेदार की हुई मौत

गुजरात में एंबुलेंस सेवा का कितना खस्ता हाल है इसका अंदाजा सिर्फ इस बात से लगा सकते हैं, कि मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के रिश्तेदार भी उसका शिकार हो गए. और सीएम रुपाणी के मौसेरे भाई की मौत हो गई.

दरअसल 4 अक्टूबर को सीएम विजय रुपाणी के मौसेरे भाई अनिल संघवी को सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई तो परिजनों ने 108 नंबर पर एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन एंबुलेंस ने पहुंचने में 45 मिनट लगा दिए. जिससे उनकी मौत हो गई.

अनिल संघवी को सांस लेने में तकलीफ होने पर उनके बेटे ने 108 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस सेवा मांगी थी. समय गुजरता जा रहा था, और तकलीफ बढ़ती जा रही थी. एंबुलेंस को बार-बार फोन किया गया, लेकिन वो जब तक पहुंची बहुत देर हो चुकी थी.

45 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस से अनिल को अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया. सीएम के रिश्तेदार के साथ जब ऐसा हो सकता है, तो प्रदेश की आम जनता का क्या हाल होगा? 

प्रदेश की खस्ता हाल एंबुलेंस सेवा पर अब सवालिया निशान उठ रहे हैं. सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी राजकोट पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी. रूपाणी को बताया गया कि ऑपरेटर की गलती की वजह से एम्बुलेंस देरी से घटनास्थल पहुंची. जिसके बाद रुपाणी ने कलेक्टर को आदेश दिया कि मामले की जांच की जाए.

इस हादसे के बाद अब सीएम रुपाणी ने जांच के आदेश दिए हैं. सीएम रुपाणी ने कलेक्टर को एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने को लेकर जांच के आदेश दे दिए हैं. वहीं राजकोट कलेक्टर राम्य मोहन का कहना है कि 2 बार एम्बुलेंस को परिवार वालों ने फोन करने का प्रयास किया लेकिन उनकी फोन पर बात नहीं हो पाई थी.

उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस गलत एड्रेस पर भी पहुंच गई थी. एम्बुलेंस मोदी स्कूल इश्वरिया रोड की जगह पर न्यू मोदी स्कूल इश्वरिया गांव पहुंच गई थी. जिससे उसे पहुंचने में देरी हो गई.

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