कुमारस्वामी ने विधानसभा में पेश किया विश्वासमत, कांग्रेस और बीजेपी विधायकों में झड़प…

नई दिल्ली. आज कर्नाटक (Karnataka) के राजनीतिक नाटक का अंत हो सकता है. कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को कुमारस्वामी (Kumaraswamy) ने विधानसभा में विश्वास मत पेश हो गया है. कांग्रेस के श्रीमंत पाटिल के अलावा BSP के विधायक महेश विधानसभा नहीं पहुंचे.

कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत के दौरान हंगामा हो रहा है. कांग्रेस और बीजेपी विधायकों में बहस हो रही है.

इस बीच बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने दावा कर दिया है कि आज कुमारस्वामी की हार होगी. क्योंकि उनके पास 100 से कम विधायको का समर्थन है. बीजेपी के पास 105 विधायक हैं.

विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पूछा, ‘आखिर बीएस येदियुरप्पा इतनी जल्दीबाजी में क्यों हैं. कुमारस्वामी ने कहा कि आज सिर्फ मेरी सरकार पर ही संकट नहीं है, बल्कि स्पीकर पर भी जबरन दबाव बनाया जा रहा है.

मैंने अपने कार्यकाल में जनता के लिए काम किया है. मैं पूछना चाहता हूं कि हमारी सरकार को अस्थिर करने के पीछे कौन है?’ कुमार स्वामी ने कहा है कि बीजेपी को इतनी जल्दी क्यों है.

सरकार को सदन में शक्ति परीक्षण से गुजरना है. दरअसल कांग्रेस (Congress) के 13 और जेडीएस (JDS) के 3 विधायकों द्वारा इस्तीफे देने के बाद राज्य की 14 महीने पुरानी सरकार पर संकट मंडरा रहा है. वहीं दो निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है.

जैसे ही सदन में विश्वास मत की प्रक्रिया पूरी होगी, वैसे ही ये स्पष्ट हो जाएगा कि कर्नाटक में कुमारस्वामी की सरकार बनी रहती है या फिर गिर जाती है.

राज्य में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के गठबंधन की सरकार आज विधानसभा में विश्वास मत का सामना करेगी. इसका ऐलान राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सदन के मानसून सत्र के पहले दिन ही किया था.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कर्नाटक के 15 बागी विधायकों की याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस मामले में संवैधानिक संतुलन बनाए रखना है.

स्पीकर 15 बागी विधायकों के इस्तीफों पर अपने अनुसार विचार करें, वे खुद फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं. कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं.

इसके बाद से कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार संकट में है. येदियुरप्पा ने दावा किया है कि भाजपा 4-5 दिन में सरकार बना लेगी.

कुमारस्वामी की मुश्किलें बुधवार को उस समय और बढ़ गई जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बागी विधायकों को विधानसभा की कार्रवाई में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है.

अदालत के फैसले को राजनीतिक हलकों में बागी विधायकों के लिए राहत माना गया क्योंकि इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि उन्हें एक विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहते हैं या उससे दूर रहना चाहते हैं.

सत्ताधारी गठबंधन ने दलबदल निरोधक कानून के तहत अयोग्य घोषित करने के प्रावधान का उल्लेख करते हुए बागी विधायकों के खिलाफ व्हिप जारी करने की चेतावनी दी थी.

यदि 16 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो सत्ताधारी गठबंधन का संख्याबल कम होकर 101 हो जाएगा. इससे 13 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ जाएगी.

यदि स्पीकर (Speaker) बागियों को अयोग्य ठहरा देते हैं तो भी सदन में गुरुवार को विश्वास मत के दौरान सरकार को बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा जुटाना होगा. ये उसके पास नहीं होगा. ऐसे में भी सरकार गिर जाएगी.

कांग्रेस पार्टी को डर है कि आज यदि सदन में विश्वासमत पेश होता है उसके 2-3 विधायक क्रास वोटिंग कर सकते हैं. दरअसल कांग्रेस ने अपने विधायकों को जिस प्रकृति रिजॉर्ट में रखा है वहां से बुधवार को कुछ विधायकों के गायब होने की खबरें सामने आईं थी.

ऐसे में पहले से संकट का सामना कर रही कुमारस्वामी सरकार के लिए यह एक बुरी खबर साबित हो सकती है.

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