Raksha Bandhan: जानिए द्रौपदी ने श्री कृष्ण को क्यों बांधी थी राखी, शुभ मुहर्त और विधि

(file photoo)
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भारत में तीन अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा. ये त्योहार हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांध कर अपनी सुरक्षा का वचन लेती है.

राखी बांधने का मुहूर्त

09:27 मिनट से 21:11 मिनट तक है

कुल अवधि

11 घंटे 43 मिनट है

शुभ समय

6:00 से 7:30 तक,
9:00 से 10:30 तक,
3:31 से 6:41 तक

राहुकाल- सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक 

राहुकाल में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए इसीलिए इस समय राखी न बांधे
 

रक्षा बंधन का महाभारत से रिश्ता

द्रौपदी और श्रीकृष्‍ण की कथा के अनुसार, महाभारत काल में कृष्ण और द्रौपदी को भाई बहन माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब शिशुपाल का वध करते समय भगवान कृष्ण की उंगली कट जाती है. तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उंगली पर पट्टी बांधंती है . उस दिन श्रावण पूर्णिमा का दिन था तभी से रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है. बता दे कि कृष्ण ने एक भाई का फर्ज निभाते हुए चीर हरण के समय द्रोपदी की रक्षा की थी.

पूजा विधि

प्रातः स्नानादि करके लड़कियाँ और महिलाएँ पूजा की थाली सजाती हैं. थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, चावल, दीपक, मिठाई होती हैं. लड़के और पुरुष तैयार होकर टीका करवाने के लिये पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं.

इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीका करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है, उसकी आरती उतारी जाती है, दाहिनी कलाई पर राखी बाँधी जाती है.