LAC पर तनावः चीन ने बॉर्डर वाले इलाके में फाइटर जेट तैनात किए

Fighter Jet
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लद्दाख में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद हालात LAC पर तनाव बढ़ता ही जा रहा है. दोनों ओर से बातचीत का दौर जारी है. लेकिन बॉर्डर पर सैनिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है.   

हिंसक भिड़ंत के बाद एक बार फिर से दोनों देशों के कोर कमांडरों के बीच मोल्डो-चुशुल में आज (सोमवार को) एक बैठक हो रही है. एक तरफ बैठक हो रही है तो वहीं दूसरी ओर LAC के आसपास ड्रैगन अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहा है.

हिंसक झड़प के बाद से बॉर्डर पर भारतीय सेनाओं की तैनाती से बौखलाए चीन ने भी अपने क्षेत्र के होटन, न्यारी और शिगात्से में लड़ाकू विमानों को तैनात कर दिए हैं. चीन ने एलएसी के साथ अपने हवाई-आधारित आक्रामक प्लेटफार्मों की संख्या भी बढ़ाई है.

इतना ही नहीं चीन ने पैंगोंग त्सो के उत्तर में भारतीय सैनिकों को ‘फिंगर 4’ के पूर्व में गश्त करने से रोकने के लिए आक्रामकता और सतर्कता बरती है. इस तरह दोनों देशों की सेनाएं लद्दाख में एलएसी के 826 किलोमीटर के मोर्चे पर पूरी तरह से तैनात हैं.

भारतीय एजेंसियों ने भी एलएसी के करीब उन चार ठिकानों पर अतिरिक्त फाइटर जेट्स, बॉम्बर्स और अटैक हेलीकॉप्टरों की तैनाती पर ध्यान दिया है. क्योंकि इन्हीं इलाकों में चीन ने भी अपने क्षेत्र के होटन, न्यारी और शिगात्से में जेट और बमवर्षक विमान तैनात कर दिए हैं.

इन इलाकों में शिनजियांग का होटन है जो लद्दाख के उत्तर में है. चीन क्षेत्र का न्यारी इलाका लद्दाख से लगभग 100 किमी दक्षिण-पूर्व में और शिगात्से सिक्किम से 150 किमी उत्तर में है.

इधर अरुणाचल प्रदेश के उत्तर में स्थित निंगची में भी चीनी सेना पीएलए की चहलकदमी बढ़ी है. एलएसी को एकतरफा बदलने के प्रयास में चीन आर्मी ने गोगरा हॉट स्प्रिंग्स में कवच और आर्टिलरी बिल्डअप भी किया है.

इसके अलावा डीपसांग, मुर्गो, गलवान, हॉट स्प्रिंग्स, कोयल, फुक और डेमचोक में भी भारत को पीएलए से खतरा बढ़ा है. इसीलिए भारत ने 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर किसी भी ऑपरेशन को करने के लिए अपाचे हेलीकॉप्टर, सुखोई लड़ाकू जेट और टैंक को एलएसी के साथ जोड़ा है.

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत