मध्यप्रदेश में बाल दिवस के मौके पर सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में होगा ये काम

  • मप्र: में बाल दिवस पर सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लगेगा बाल रंग मेला

भोपाल. बाल दिवस के अवसर पर गुरुवार, 14 नवम्बर को प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर बाल रंग मेला लगाया जाएगा.महिला-बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर को निर्देश जारी किये हैं.

ये जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने बुधवार को मीडिया को दी.प्रमुख सचिव राजन ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर बाल दिवस मनाया जाए.साथ ही प्रत्येक परियोजना मुख्यालय पर बाल रंग मेले का आयोजन किया जाए.उन्होंने कहा कि जिन परियोजना में बाल शिक्षा केंद्र परियोजना मुख्यालय पर नहीं है, वहाँ पर भी बाल रंग मेले का आयोजन सुनिश्चित किया जाए.

प्रमुख सचिव राजन ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु तक के बच्चों को खेल-खेल में शाला पूर्व शिक्षा दी जाती है.इसी क्रम में महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 313 विकासखंडों में बाल शिक्षा केंद्र प्ले स्कूल की शुरुआत की गई है.

शाला पूर्व शिक्षा को रोचक और रुचि पूर्ण बनाने तथा सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये बाल दिवस अच्छा अवसर है. उन्होंने बताया कि बाल मेले का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी में बच्चों के सीखने एवं शाला पूर्व शिक्षा के लिए सहज वातावरण निर्मित करना तथा प्रतिभावान बच्चों की पहचान कर उनकी प्रतिभा को निखारना और उन्हें प्रोत्साहित करना है.

मास्टर क्लीन, टेडी मास्टर, हेल्दी पुरस्कार

प्रमुख सचिव राजन ने कहा कि बाल मेले के दौरान वहाँ रहने वाले बच्चे को मछली पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा अन्य समुदाय के बच्चों को भी शामिल किया जाएगा.उन्होंने कहा कि बाल मेले में बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग, ग्रीटिंग कार्ड और मिट्टी के खिलौने की प्रदर्शनी लगाई जाएगी.फैंसी ड्रेस, गीत-कविता, नाटक का प्रदर्शन भी किया जाएगा.बाल दिवस पर सबसे स्वस्थ बच्चे को हेल्थी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.इसके अतिरिक्त बाल रंग मेले में कुश्ती प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा.

कक्षा साथी परियोजना का शुभारंभ करेंगे स्कूल शिक्षा मंत्री

वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी बाल दिवस के अवसर पर गुरुवार, 14 नवम्बर को रायसेन जिला मुख्यालय पर वार्ड क्रमांक-8 में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में ‘कक्षा साथी परियोजना” का शुभारंभ करेंगे.इस परियोजना में रायसेन जिले के 7 तथा भोपाल जिले के 5 शासकीय विद्यालयों को दक्षिण कोरिया की टैग हाइव संस्था के सहयोग से प्रारंभ की जा रही ‘कक्षा साथी परियोजना” में शामिल किया गया है.

मंत्री डॉ. चौधरी ने बताया कि स्कूली शिक्षा में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कक्षा साथी परियोजना छात्रों के लिए उपयोगी एवं रूचिकर होगी.परियोजना से बच्चों का रियल टाइम मूल्यांकन किया जा सकेगा.इसके लिए मोबाईल एप और क्लिकर का उपयोग कर शिक्षक पाठ पढ़ाने के बाद छात्रों का तुरंत मूल्यांकन कर सकेंगे.

एप पर पाठ्यक्रम से संबंधित विषय वस्तु के बहु-विकल्पीय प्रश्नों को शिक्षक छात्रों से पूछेंगे तथा छात्र उनका जवाब क्लिकर के माध्यम से तुरंत देंगे.शिक्षक दिए गए जवाब के माध्यम से ये जान सकेंगे कि पढ़ाए गए पाठ को छात्रों ने कितना सीखा एवं कितने छात्रों ने सभी जवाब दिया.सही जवाब नहीं देने वाले छात्रों का तुरंत विश्लेषण कर सुधार की योजना बनाई जाएगी.इस प्रायोगिक परियोजना का सम्पूर्ण व्यय सीएसआर के अंतर्गत विभिन्न कम्पनियों द्वारा वहन किया जाएगा.

हिन्दुस्थान समाचार / घनश्याम

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