हिमाचल में विकसित किए जाएंगे ईको पर्यटन स्थल: मुख्य सचिव

शिमला, हिमाचल प्रदेश।

प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश को ईको पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. इस उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न भागों में ईको पर्यटन स्थलों को विकसित करने के प्रयास हो रहे है. मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही.

मुख्य सचिव ने प्रदेश में प्रस्तावित विभिन्न पर्यटन योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए. चांशल, जंजैहली तथा बीड बिलिंग जैसे पर्यटन स्थलों को ईको पर्यटन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया.

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है जिससे इस क्षेत्र में बहुआयामी रोजगार के अवसर सृजित होंगे. उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों से इन क्षेत्रों की सामाजिक आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी.

उन्होंने कहा कि बीड़ बिलिंग को हवाई क्रीडा स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए. बीड़ बिलिंग में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी समिति को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने प्रशासन से जंजैहली क्षेत्र को ईको पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए.

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से चाशंल में स्कीइंग गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निविदा प्रक्रिया तैयार करने को कहा. उन्होंने प्रशासन को ‘नई राहें, नई मंजिलें’ योजना के तहत चाशंल को स्कीइंग गंतव्य बनाने के लिए एकीकृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए. साथ ही प्रशासन से चाशंल क्षेत्र को कैपिंग साईट के तौर पर विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा.  

हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल

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