छत्तीसगढ़ के महुआ की महक अब इंग्लैण्ड तक पहुंची

HS - 2020-10-13T104333.187
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छत्तीसगढ़ के महुआ की महक देश ही नहीं विदेशों तक पहुंच चुकी है. यह संभव हुआ है राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वनमंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में वनवासियों के हित में चलायी जा रही कुशल नीति से. इसके फलस्वरूप पहली ही खेप में राज्य के बलरामपुर वनमंडल का 20 क्विंटल महुआ इंग्लैण्ड के स्कार्टलैण्ड यार्ड में दोगुने दाम पर बिका.

महुआ के इस नए बाजार को लेकर न केवल संग्राहक बल्कि पूरा वन विभाग उत्साहित है. वन मंत्री अकबर और प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में अगले वर्ष से वहां अत्याधिक मात्रा में महुआ भेजने की तैयारी की जा रही है. इस संबंध में वन मंडलाधिकारी बलरामपुर लक्ष्मण सिंह ने बताया कि इंग्लैण्ड भेजे जाने वाले महुए का संग्रह रघुनाथ नगर, धमनी और वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से कराया गया था. इसे विगत 24 सितम्बर को मुबई बंदरगाह से इंग्लैण्ड के स्कार्टलैण्ड यार्ड के लिए रवाना किया गया.

इंग्लैण्ड में यहां के महुआ की बिक्री के लिए बर्किघम सायर की कंपनी की पीएटई से संपर्क कर पहले चरण में 100 किलोग्राम महुआ सेंपल के तौर पर भेजा गया. प्रथम चरण में भेजा गया महुआ रघुनाथ नगर वन परिक्षेत्र के केसारी ग्राम में संग्रहित किया गया था और उक्त कंपनी ने परीक्षण बतौर इसे उच्च गुणवत्ता का महुआ बताया. इसके साथ ही 2000 किलोग्राम महुआ फूल का आर्डर दिया.

इंग्लैण्ड जाने वाले महुए का संग्रह माँ महामाया स्व-सहायता समूह केसारी द्वारा वन विभाग की निगरानी में किया जाता है. संयुक्त वन मंडलाधिकारी बलरामपुर श्याम सिंह देव ने बताया कि इसका संग्रह जमीन से तीन फीट ऊपर ग्रीननेट बिछाकर हवा में किया जाता है. इससे महुआ फूल धूल-मिट्टी तथा खर-पतवार रहित रहता है और यह उच्च गुणवत्ता युक्त होता है.

राज्य में वर्तमान में महुआ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये निर्धारित है, जबकि इंग्लैण्ड की कंपनी इस महुआ की खरीद दोगुने दाम अर्थात 60 रुपये में कर रही है.

ह‍िन्‍दुस्‍थान समाचार/गेवेन्‍द्र