अराजक तत्वों ने उखाड़ा चेतावनी बोर्ड

ऋषिकेश
वन विभाग की ओर से स्थापित चेतावनी बोर्ड को एक सप्ताह पूर्व अराजक तत्वों ने उखाड़ कर फेंग दिया था. बुधवार को नमामि गंगे जिला क्रियान्वयन समिति के सदस्य और समाज सेवी विनोद जुगलान द्वारा ढूंढ़कर स्थानीय नागरिकों की मदद से पुनः सीमेन्ट के साथ स्थापित किया गया.

इस बोर्ड पर वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश की ओर से वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र की सूचना और जंगल में प्रवेश न करने की जानकारी लिखी गई है. उल्लेखनीय है कि यहां गंगा तट पर कुछ अराजक तत्वों और नशेड़ियों का आगमन बढ़ गया है.

जिससे न केवल माहौल खराब होता है बल्कि गंगा तट पर मांस मदिरा के सेवन से गंगा की पवित्रता भी भंग होती है. इन अराजक तत्वों द्वारा आये दिन राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की भी खबर है.

ग्राम प्रधान सरोप सिंह पुण्डीर ने बताया कि वन क्षेत्र में बिना आज्ञा प्रवेश की सूचनाएं मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि जंगल में प्रवेशकर यादि कोई किसी हादसे का शिकार होता है तो उसकी पंचायत की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी. साथ ही सूचना पट उखाड़ने वालों का शीघ्र ही पता लगाया जाएगा और पंचायत सहित वन विभाग की ओर से कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

वन दारोगा सुरेन्द्र कुमार ने ग्रामीणों से वन क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि वन वन्यजीवों के आश्रय स्थल हैं, वनों पर पहला अधिकार वन्य जीवों का है जँगलों में मानवीय दखल बढ़ने के कारण वन्यजीव आवसीय क्षेत्रों की ओर रुख करने लगे हैं जिससे मानव और वन्यजीव संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ रहा है.

सूचना बोर्ड लगाने वालों में पंचायत सदस्य श्रीकान्त रतूड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कुलियाल, गंगा भगीरथ टीम के सदस्य आशीष भट्ट, सागर पोखरियाल,अंकित बिष्ट प्रमुख थे.

हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम

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