RJD के सामने गढ़ बचाने की चुनौती

  • देश भर में एनडीए के पक्ष में ही रिजल्ट आए हैं. ऐसा ही कुछ रिजल्ट बिहार में भी देखने को मिला है
  • ये पहला मौका होगा जब लोकसभा में आरजेडी की पार्टी का कोई नेता सांसद के तौर पर नहीं होगा

लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं. पूर्ण बहुमत के साथ मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए ने एतिहासिक जीत दर्ज की है.

देश भर में एनडीए के पक्ष में ही रिजल्ट आए हैं. ऐसा ही कुछ रिजल्ट बिहार में भी देखने को मिला है. बिहार में कुल 40 सीटें हैं, इनमें से कुल 39 सीटें एनडीए को मिली है.

इस बार सिर्फ एक सीट यानी किशनगंज ही अकेले महागठबंधन के खाते में गई है. इसके अलावा बाकी सभी सीटों पर किसी अन्य पार्टी का कब्जा नहीं हो सका. महागठबंधन की अगुवाई करने वाली आरजेडी को एक सीट पर भी कब्जा नहीं करने दिया. महागठबंधन में कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीत सकी. पूर्व सीएम शिबू सोरेन भी हार का सामना करने से नहीं चूक पाए.

ये पहला मौका होगा जब लोकसभा में आरजेडी की पार्टी का कोई नेता सांसद के तौर पर नहीं होगा. यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि चुनाव मैदान में तेजस्वी यादव अपनी बड़ी बहन मीसा भारती तक की सीट को बचा नहीं सके.

ऐसे में ये भी कहा जा रहा है कि एक लीडर के तौर पर तेजस्वी यादव फेल हो गए हैं. इन चुनाव परिणामों के बाद ये तो सामने है कि जो परिणाम आए हैं उससे आरजेडी को अपनी जमीन मजबूत करने के बारे में सोचना जरूरी है.

Trending Tags- Loksabha Election 2019 | NDA | Tejashwi Yadav | Congress | BJP | Rahul Gandhi | Misa Bharti | Latest News | Breaking News