हाथरस कांड के बहाने यूपी में जातीय दंगे कराने की साजिश का भंडाफोड़

Riots in UP
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यूपी के हाथरस में हुए गैंगरेप पर राजनीति जारी है. विपक्ष योगी सरकार को घेरने में लगी है. वहीं प्रशासन को लेकर लोगों के अंदर भी काफी गुस्सा देखा जा रहा है. इसी बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है. इस घटना को लेकर यूपी में जातीय दंगे कराने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है.

दिल्ली में चुनाव से पहले नागरिकता कानून को लेकर जिस तरह से दंगे की साजिश की गई थी. ठीक उसी तर्ज पर यूपी में भी जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई थी. लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी के कारण साजिशकर्ता अपनी साजिश में कामयाब नहीं हो सके.

दंगा भड़ाकाने के लिए साजिशकर्ताओं ने एक वेबसाइट का सहारा लिया था. इस वेबसाइट में हाथरस कांड को लेकर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड़ की गई थी. जिससे लोगों की भावना को ठेस पहुंचे और समाज में एक दूसरे को लेकर तनाव पैदा हो.

इस वेबसाइट में पीड़ित परिवार की मदद के नाम पर फंडिग भी की जा रही थी. जिसका इस्तेमाल दंगे कराने में किया जाना था. हालांकि ठीक समय पर पुलिस ने इस साजिश को बेनकाब कर दिया. और साजिशकर्ताओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया.

इस वेबसाइट को बंद करा दिया गया है. यूपी के डीजीपी हितेश चन्द्र अवस्थी ने बताया कि इस तरह की वेबसाइट के बारे में जानकारी हुई है. जिसे भारत के बाहर से संचालित किया जा रहा था. इसमें न सिर्फ भड़काऊ सामग्री थी बल्कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से बचाव के तरीके भी बताए गए हैं.

प्रदेश सरकार के मुताबिक यूपी में जातीय दंगों की साजिश कराकर दुनिया मैं पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की छवि खराब करने के लिए जस्टिस फार हाथरस नाम से रातों रात वेबसाइट तैयार हुई. वेबसाइट में फर्जी आईडी के जरिए हजारों लोग जोड़े गए.

इस घटना को तूल देकर पूरे देश में आपसी नफरत पैदा करने की कोशिश हुई. मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फेक न्यूज, फोटो शाप्ड तस्वीरों, अफवाहों, एडिटेड विजुल्स का दंगे भड़काने के लिए इस्तेमाल किया गया. हालांकि इस पर पुलिस की नजर पड़ गई और ये साजिश कामयाब नहीं हो सकी. अब साइबर सेल इसकी जांच कर रही है. और इससे जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है.