बीएसपी सांसद दानिश अली ने प्रधानमंत्री से की जामिया मिलिया के साथ भेदभाव की शिकायत

BSP MP Danish Ali
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बीएसपी सांसद कुंवर दानिश अली ने केंद्र सरकार पर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनीवर्सिटी के साथ भेदभाव का आरोप लगाया. दानिश अली ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इस यूनीवर्सिटी के लिए 100 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मांगी है.

दानिश ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि प्रभावशाली एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के बावजूद, केंद्र सरकार उस संस्था को सहयोग नहीं दे रही है, जो न केवल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करती है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी योगदान देती है.

दानिश ने पत्र में लिखा कि 100 साल पूरे करने वाली संस्था को 100 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान देने का हमारे देश में चलन रहा है. इस राशि का उपयोग संस्थान की शैक्षिक बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए किया जाता है.

उन्होंने लिखा कि जामिया के साथ ऐसा नहीं किया गया. जामिया को 100 साल की एक बहुत ही सफल और ऐतिहासिक पारी को पूरा करने के अवसर पर कोई भी शताब्दी वित्तीय अनुदान नहीं मिला. शिक्षक दिवस के अवसर पर जामिया शिक्षक संघ ने भी विश्वविद्यालय की सुविधाओं में सुधार के लिए 100 करोड़ रुपये के अनुदान को जारी करने के लिए आपसे अनुरोध किया था.

उन्होंने लिखा कि जामिया से एक और महत्वपूर्ण अनुरोध है जो लंबे समय से सरकार के पास लंबित है. विश्वविद्यालय ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि वह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की अनुमति दे. मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना से राष्ट्रीय स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले डॉक्टरों को तैयार करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने लिखा कि मैं आपसे जामिया को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की अनुमति देने का अनुरोध करूंगा. यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी में सस्ती कीमत पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के लिए लगातार बढ़ती आवश्यकता को संभालने में मदद करेगा.

बीएसपी सांसद ने लिखा कि जामिया भी मानव संसाधन विकास मंत्रालयव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा नियमित धन जारी करने में लंबे समय से संघर्ष कर रहा है. इसके बकाया बिलों का एक अंबार लगा हुआ है, जिसमें चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल शामिल हैं जो करोड़ों की राशि के हैं.

उन्होंने कहा कि इस यूनीवर्सिटी के शिक्षक बड़ी मुश्किल में हैं क्योंकि सरकार उनके वास्तविक मुद्दों की लगातार अनदेखी कर रही है. धन की कमी ने जामिया को विशेष विषयों के लिए रिक्त पदों को भरने से रोक दिया है.’

अली ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करें कि जामिया मिलिया इस्लामिया के साथ भेदभाव नहीं किया जाए और उसे इसका हक दिया जाए.

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत