इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक और ITI का एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाए

जयपुर, 17 नवम्बर
तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, कौशल विकास और पॉलीटेक्निक कॉलेज को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाए, जिससे सभी विभागों में आपसी समन्वय हो सके. साथ ही युवा तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा में हुनरमंद बन सकें.

डॉ गर्ग रविवार को जयपुर के खेतान पॉलीटेक्निक कॉलेज में राज्य स्तरीय तकनीकी शिक्षा अधिकारियों के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. यह कार्यक्रम तकनीकी शिक्षा विभाग और एआईसीटीई, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में राज्य सरकार सिलेबस में बदलाव कर रही है, जिससे युवा लेटेस्ट तकनीक से अपडेट हो सकें. मंत्री ने कहा कि सभी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीसीटीवी से निगरानी की जाए जिससे संस्थानों में हो रही शिक्षा की लगातार मॉनीटरिंग की जा सकेगी.

डॉ. गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार को भवन निर्माण के साथ लैब निर्माण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए, जिससे संस्थान में सभी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और उपकरणों के उपयोग के साथ युवा प्रैक्टिकल नॉलेज प्राप्त कर सके. उन्होंने कहा कि एआसीटीई नई दिल्ली को राज्य सरकार से हर संभव मदद दी जाएगी, जिससे तकनीकी शिक्षा को राज्य में बढ़ावा मिले.

बैठक में एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि तकनीकी शिक्षा संस्थानों के विभागाध्यक्षों को एआईसीटीई की योजनाओं का प्रचार प्रसार करना चाहिए, जिससे युवा एवं अध्यापक उन योजनाओं का फायदा लेकर अपना कौशल विकास कर सकें.

उन्होंने कहा कि राजस्थान में अटल एकेडमी बनाई जाएगी जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के साथ विभागाध्यक्षों का भी प्रशिक्षण होगा. साथ ही कहा कि तकनीकी शिक्षा की योजनाओं का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं सहित सभी को समावेशी रूप से मिलना चाहिए.

बैठक में तकनीकी शिक्षा, सचिव शुचि शर्मा ने कहा कि युवाओं को बड़े उद्योगों के अलावा मध्यम एवं लघु उद्योगों में भी इंटर्नशिप करनी चाहिए, जिससे उन्हें उद्यम की बेहतर समझ हो पाएगी. उन्होंने विभाग की तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में हो रही योजनाओं के साथ नवाचारों के बारे में भी बताया.

इस अवसर पर एआसीटीई के उपाध्यक्ष प्रो. एम. पी. पूनिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी मॉडल करिकुलम जारी किया है, जिससे युवा तकनीकी शिक्षा में होने वाले नवाचारों से रूबरू हो सकें. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में प्रैक्टिकल नॉलेज और समावेशी विकास पर जोर दिया गया है.

कार्यक्रम में डॉ. गर्ग ने पौधारोपण भी किया. बैठक में सभी जिलों के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलीटैक्निक कॉलेज के कुलपति के साथ तकनीकी शिक्षा अधिकारी मौजूद थे.

हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर

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