बहिष्कार से डरा चीन, खुद को बचाने के लिए बनाया ये नया प्लान

China president
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच का तनाव किसी से छुपा नहीं है. दोनों देशों के बीच की ये टेंशन आज की भी नहीं है. बीते कई समय से दोनों देशों के बीच टेंशन चल रही है. लेकिन अब ये खुलकर सामने आने लगी है. ऐसे में अब चीन को सबक सिखाने के लिए भारत में चीन के सामानों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है.

लोगों के गुस्से से चीन डर गया है. जिसके बाद खुद के व्यापार को संभालने के लिए चीन ने नए-नए तरीके निकालने शुरू कर दिया है. इसी डर के बीच चीन अपने सामान को भारत में बचने के लिए नई-नई रणनीति बना रहा है. चीन उन चालाकियों में जुट गया जिससे अधिकतर भारतीय खरीदारों को पहली नजर में यह पता ही ना चले कि प्रॉडक्ट चाइनीज है.

अभी तक आपने देखा होगा कि प्रॉडक्ट्स पर मेड इन चाइना लिखा हुआ होता था. लोगों के गुस्से और बहिष्कार के बाद चीन ने इस तरीके को बदल दिया है. वो अब ऐसे तरीके अपना रहा है, जिससे लोगों को ये पता ही न चल पाये कि ये प्रॉडक्ट चीन में बना है. दरअसल चीन ने मेड इन चाइना  लिखना बंद कर अब मेड इन पीआरसी लिखना शुरू कर दिया है.

ज्यादातर लोगों को  पीआरसी का मतलब पता नहीं होता है. इसलिए हम आपको बता दें कि इसका मतलब पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना होता है. यानी अगर आप किसी प्रॉडक्ट पर पीआरसी लिखा देखे तो समझ लिजिएगा कि ये चीन का ही सामान है. भारतीय उपभोक्ता पीआरसी लिखा देख सामान खरीद लेंते है वे समझ नहीं पाते कि यह असल में मेड इन चाइना है.

 इतना ही नहीं चीन ने एक और बड़ी चालाकी दिखाई हैं. उसने अपने पैक्ट्स पर चाइनीज भाषा का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है. ताकि लोगों को पता ही न चले कि ये सामान चीन से आया है और वो बड़ी ही चालाकी से अपने सामान को बेच सके.

 चीन अपने सारे प्रॉडक्ट पर सभी जानकारी और दिशानिर्देश अंग्रेजी में ही लिखता है, यहां तक कि कई प्रॉडक्ट्स पर तो वह हिंदी में भी लिखने लगा है. ताकि वो लोगों को भम्रित कर सके. इसके अलावा अगर किसी पैकेट पर कोई तस्वीर लगानी होती है तो वह भारतीय चेहरों की तस्वीर को ही छापता है. यानी पूरी तरह प्रॉडक्ट आपको भारतीय ही महसूस होगा.