बंगाल में एक जून से लॉकडाउन में छूट के निर्णय पर BJP ने उठाये ये सवाल

कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एक जून से राज्य के मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च सहित सभी धार्मिक स्थल खोले जाने के निर्णय पर भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने सवाल खड़ा किया है.

इस बारे में राज्य के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहां है कि मुख्यमंत्री का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया कदम है. इससे कोरोना के फैलने का खतरा बढ़ेगा.

विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री की घोषणा कर टिप्पणी करते हुए कहा, अभी यह सरकार की जल्दबाजी है. जब तक कोरोना पर नियंत्रण नहीं हो जाता, इस तरह की छूट देना उचित नहीं है. लोग अपने घर पर भी बैठ कर ईश्वर का स्मरण कर सकते हैं. इस प्रकार जोखिम भरा निर्णय सरकार को तभी लेना चाहिए, जबकि उसमें सोशल डिस्टैंसिंग का पालन कराने की क्षमता हो, तभी यह छूट देनी चाहिए. अन्यथा नहीं देनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि सरकार धार्मिक स्थलों में होने वाली भीड़ को कैसे संभाल पायेगी ? क्या वहां सोशल डिस्टैंसिंग का पालन सरकार करवा पायेगी ?

भाजपा पहले से ही बंगाल में लॉकडाउन पालन करने में अवहेलना का आरोप लगाते रही है. मुख्यमंत्री के कोरोना को तकिया बना कर सो जाइये के बयान पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने ट्वीट किया, “ये आपका जनता के नाम संदेश है या आपका पलायनवाद. कोरोना को तकिया बनाने की सलाह देना, किसी राज्य के मुख्यमंत्री की शोभा नहीं देता. आप स्पष्ट क्यों नहीं कहती कि आप कोरोना संक्रमण को रोक पाने में असमर्थ हैं.

उन्होंने कहा, “आपके नौ साल के कार्यकाल की उपलब्धि है कि बंगाल में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी. देश के कोरोना से मृत्यु दर 2.84 फीसदी है, जबकि पश्चिम बंगाल में मृत्यु दर देश में सबसे ज्यादा 6.50 फीसदी है. मुख्यमंत्री के साथ आप स्वास्थ्य मंत्री भी हैं, कुछ तो शर्म कीजिए. उन्होंने मोदी सरकार के द्वितीय कार्यकाल की प्रथम वार्षिकी पर शुभकामना देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा हो गया. कोरोना संक्रमण ने देश के सामने नयी चुनौतियां खड़ी की, पर मोदी जी के नेतृत्व में देश ने उससे भी मुकाबला किया. बहुत जल्द हम उबरेंगे और दुनिया को दिशा दिखायेंगे

हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश

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