जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने के लिए बीजेपी सांसद ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी

Anil Aggarwal BJP
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बीजेपी के राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के आगामी सत्र में जनसंख्या नियंत्रण विधेयक लाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लालकिले से इस संबंध में देश को जागरुक किया था.

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से संबोधन करते समय राष्ट्र को जनसंख्या नियंत्रण के उपायों के बारे में आश्वासन दिया था. समय की यह मांग भी है कि इस संबंध में संसद में उचित बिल लाया जाए.

सांसद अनिल अग्रवाल ने पत्र में लिखा है कि हिन्दू दर्शन के सिद्धान्तों के अनुसार, यह माना जाता है कि दुनिया में हर गतिविधि भगवान की सर्वोच्च इच्छा के परिणाम स्वरूप ही होती है, लेकिन इसके लिए वह एक भव्य रचना के लिए जीवित मनुष्यों की एजेंसी को भी चुनता है.

इसी वजह से 1.3 बिलियन भारतीयों की आकांक्षाओं को आकार मिला है. यही कारण है कि उन्होंने पत्र के जरिए प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान आकृष्ट कराया है ताकि संसद के आगामी सत्र में जनसंख्या नियंत्रण का बिल लाया जा सके.

इससे पहले भी हुई थी मांग

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर इसके नवंबर 2019 में लोकसभा में बीजेपी सांसद अजय भट्ट ने ‘छोटे परिवार को अपनाकर जनसंख्या नियंत्रण’ बिल का प्रस्ताव रखा था. दिसंबर 2018 में बीजेपी सांसद प्रहलाद पटेल और संजीव बालियान ने भी जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त कानून की पैरवी की थी.

इतना ही नहीं साल 2018 में बीजेपी और टीडीपी के करीब 125 सांसदों ने राष्ट्रपति से भारत में दो बच्चों की नीति लागू करने का आग्रह किया था. भारत में तेजी से बढ़ती जनसंख्या चिंता का विषय बनती जा रही है. पीएम मोदी ने इस विषय को लालकिले की प्राचीर से उठाया था.

पीएम ने लालकिले उठाया था मुद्दा

15 अगस्त 2019 को पीएम मोदी ने भाषण में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताई थी. पीएम मोदी ने कहा था कि यदि देश की आबादी इसी तरह से बढ़ती रही तो 2024-25 तक भारत, चीन को पीछे छोड़ देगा. भारत और चीन की जनसंख्या में अब ज्यादा का अंतर नहीं है. मौजूदा समय में भारत की जनसख्या 135 करोड़ है, जबकि चीन की 142 करोड़ है.

पीएम मोदी ने कहा था कि भारत परिवार नियोजन अपनाने वाला दुनिया का पहला देश था. 1949 में पारिवारिक नियोजन कार्यक्रम का गठन किया गया था. 1952 में पहला परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू किया गया था. पीएम ने कहा कि 1977 में सरकार ने एक नई जनसंख्या नीति का गठन किया था. लोगों को स्वेच्छा से स्वीकार करने का विकल्प दिया गया था.