देश और दलित समाज के लिए खतरनाक हैं भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखरः बीजेपी

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री (BJP Leader Bijay Sonkar Shastri) ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तथाकथित दलित नेता के रूप में खुद को पेश कर रहे हैं और उनके पीछे तमाम देशी-विदेशियां शक्तियां हैं जो उनको आर्थिक और हर तरह की मदद कर रही हैं. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर का कोई भी कदम दलित समाज और देश के लिए खतरनाक है.

शास्त्री ने हिन्दुस्थान समाचार’ से बातचीत में कहा कि हकीकत यह है कि चंद्रशेखर के रूप में दलित-मुस्लिम के रूप में एक नापाक गठजोड़ बनाया जा रहा है, जिसे एकता का जामा पहनाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि देश में एकता बनी रहे. लेकिन गठजोड़ के हम विरुद्ध हैं. 

उन्होंने कहा कि गठजोड़ किसी उद्देश्य, लाभ-हानि का आंकलन कर किया जाता है, जबकि एकता स्वाभाविक है. यहां तमाम पार्टियों और देशी-विदेशी शक्तियों के बीच गठजोड़ हुआ है चंद्रशेखर को समर्थन देने के लिए. ऐसे में चंद्रशेखर का कोई भी कदम दलित समाज और देश के लिए खतरनाक है.

बीजेपी नेता ने कहा कि चंद्रशेखर ने पूर्व में भी आंदोलन किया था तो हिंसा हुई. भीम आर्मी नेता ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ बिना समर्थन मांगे ही जामा मस्जिद जाकर इसका विरोध किया और उपद्रव की स्थिति पैदा की. उन्होंने कहा कि दलित राजनीति में मायावती की पकड़ कमजोर हुई है और जो स्थान रिक्त हुआ है उसे चंद्रशेखर हासिल करना चाहते हैं. उनको आगे कर दलित-मुस्लिम गठजोड़ किया जा रहा.

शास्त्री ने कहा कि यह याद रखना चाहिए कि जब भी दलित-मुस्लिम गठजोड़ हुआ है तो उसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा है. पहली बार 1946 में दलित-मुस्लिम गठजोड़ हुआ जिसका परिणाम भारत विभाजन के रूप में सामने आया. उस समय तत्कालीन वरिष्ठ दलित नेता जोगेन्द्र नाथ मंडल और मोहम्मद अली जिन्ना के बीच गठजोड़ हुआ, जिसका परिणाम 1947 में देशविभाजन के रूप में सामने आया. 

उन्होंने कहा कि आज चंद्रशेखर और असदुद्दीन ओवैसी के बीच यह समझौता हुआ है और देश बांटने की कोशिश चल रही है. लेकिन देश की जनता और दलित इतने अवसरवादी नही हैं और इनकी कोशिश नाकाम साबित होगी.

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत

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