बिहारः अपनी मजबूत दावेदारी दर्ज कराने की जुगाड़ में प्रत्याशियों द्वारा आलाकमान को रिझाने का दौर जारी

Bihar Election
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पटना, बिहार।

अपनी मजबूत दावेदारी दर्ज कराने के जुगाड़ में सभी राजनितिक पार्टियों के नेता क्षेत्र का भ्रमण करने लगे है. इस बाबत हर पार्टियों में ऐसे दर्जनों नेता है जो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी आलाकमान को रिझाने की जुगाड़ में जुटे है.

बक्सर विधानसभा सीट की बात करे तो महागठबंधन के तहत कांग्रेस की टिकट पर विधायक बने संजय तिवारी का लड़ना तय है. वहीं पिछले चुनाव में इनके निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के उमीदवार प्रदीप दुबे को इसबार बीजेपी फिर से मौका देगी. इस पर संसय बरकरार है.

हालांकि प्रदीप दुबे द्वारा क्षेत्र का दौरा शुरू कर दिया गया है, पर इसी कतार में पूर्व जिलाध्यक्ष राणाप्रताप सिंह और किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य परशुराम चतुर्वेदी का भी नाम है. राजपूत और ब्राम्हण विरादरी में पैठ रखने वाले तथा जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन की मजबूती के लिए किये गये कार्यो को लेकर राणाप्रताप सिंह की दावेदारी है.

जबकि किसान मोर्चा से जुड़े परशुराम चतुर्वेदी वर्तमान संसद आश्विनी चौबे की निकटता के भरोसे है |जबकि डुमराँव विधानसभा की सीट पर जदयू के टिकट पर जीते ददन सिंह यादव सुरक्षित है. वहीं महागठबंधन इस सीट को उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLSP के लिए छोड़ती है या इस पर RJD खुद चुनाव लड़ेगी ये देखना होगा.

हालांकि यादव बहुल क्षेत्र होने से राजद के स्थानीय नेताओं की दावेदारी भी है. जिसमे रामजी सिंह ,कतवारू यादव का नाम तेजी से लिया जा रहा है. राजद के जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह ने भी बताया कि डुमरांव की सीट पर हमारी दावेदारी है.

ब्रह्मपुर विधान सभा की सीट पर राजद अपने विजयी उम्मीदवार शम्भु यादव को पुनः मौक़ा देगी यह तय है. जब की बीजेपी की स्थिति साफ़ नही है. इस बार बीजेपी अपने वरिष्ट नेता सीपी ठाकुर के पुत्र विवेक ठाकुर को पुनः मौक़ा देगी या बीते चुनाव में शम्भु यादव से पराजित होने के बाद इनकी जगह स्थानीय किसी प्रत्याशी पर दाव खेलेगी .

भूमिहार बहुल क्षेत्र होने के कारण बीजेपी किसी भूमिहार को ही प्रत्याशी बनाएगी ऐसा माना जा रहा है पर वह प्रत्याशी स्वर्गीय कैलाश पति मिश्र के परिवार से होगा या बाहरी प्रत्याशी को खड़ा करेगी देखना दिलचस्प होगा.

रही बात राजपुर विधानसभा (सुरक्षित ) की तो वर्तमान जदयू विधायक सह राज्य परिवहन मंत्री संतोष निराला का बीजेपी -जदयू गठबंधन से लड़ना तय है पर महागठबंधन के तहत इस सीट पर खुद राजद जिलाध्यक्ष शेषनाथ सिंह की निगाहें टिकी है, जिलाध्यक्ष राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के अति करीबी माने जाते है.

कोरोना दौर के इतर बिहार विधान सभा तय तिथि पर होने को लेकर सभी दलों के प्रत्याशी जनता के बीच जनता को रिझाने के लिए तथा अपने अपने हाई कमान की नजरो में आने के लिए नित्य नई जुगाड़ बैठा रहे है.

हिन्दुस्थान समाचार/अजय मिश्रा