बिहारः बांध टूटने की आशंका में जागकर बीती रात

Bihar Flood
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खगड़िया, बिहार।

बूढ़ी गंडक नदी का तटबंध टूटने की आशंका में आस-पास के कई गांव के लोगों ने जाग कर रात बिताई. खगड़िया जिला प्रशासन की मुस्तैदी से जिले के गंगौर के समीप चंदपुरा बांध को पूरी रात युद्ध स्तर पर कार्य कर टूटने से बचा लिया गया.

5 अगस्त को पूरी रात आसपास के गांवों के अलावा खगड़िया मुख्यालय तक लोग दहशत में रहे. तटबंध के आधे से अधिक कट चुके भाग को बचाने के लिए जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष, पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी, सदर एसडीओ धर्मेंद्र कुमार समेत अभियंताओं की पूरी टीम रात भर मुस्तैद रही.

मिट्टी से भरकर हजारों बोरे और पेड़ काटकर तटबंध को फिलहाल कटने से बचा लिया गया. जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल खतरा टल गया है और पूरी निगरानी के साथ कटाव निरोधक कार्य युद्धस्तर पर जारी है. उन्होंने प्रशासन का सहयोग करने के लिए गंगौर ग्रामवासियों को धन्यवाद दिया है.

इधर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की ओर से दी गई सूचना के अनुसार दोनों प्रमंडलों के सभी तटबंध 5 अगस्त को सुरक्षित बताए गए थे. लोग अब यह सवाल करने लगे हैं कि जो तटबंध सुबह में सुरक्षित था, वह शाम होते होते ही 80 फ़ीसदी तक कटाव का शिकार कैसे हो गया.

चांदपुरा कटाव स्थल जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर है. और यह सड़क मार्ग के बिल्कुल करीब है. विभागीय प्रतिवेदन के अनुसार बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 37.08 मीटर दर्ज किया गया था जो खतरे के निशान से 0.48 मीटर ऊपर बह रही थी.

तेज हवाएं दिन के 4  बजे के बाद चलनी शुरू हुई जिससे कटाव विकराल होता गया. लेकिन लोग यह जानना चाहते हैं कि विभागीय अभियंता दिन भर क्या कर रहे थे? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चांदपुरा के कटाव स्थल पर बाढ़ से संघर्ष डीएम के वहां पहुंचने के बाद मरम्मत कार्य हो पाया. यदि रात में बारिश होती तो इस तटबंध को टूटने से बचाना असंभव होता?

हिन्दुस्थान समाचार/अजिताभ