बिहारः बाढ़ में खुली डबल इंजन सरकार की पोल, सत्तरघाट के बाद अब सारण प्रमुख बांध टूटा

Bihar Flood
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बिहार में हो रही भारी बारिश ने डबल इंजन सरकार की पोल खोल कर रख दी है. भारी बारिश के चलते अब गोपालगंज में गंडक नदी पर बने एक और महासेतु पुल के एप्रोच रोड में दरार आ गई है. इस पुल का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. इस पुल का निर्माण सत्तरघाट पुल बनाने वाली वशिष्टा कंपनी ने ही किया था.

इसके बाद गंडक का पानी NH-28 की ओर तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही इलाके छह सौ गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंडक के पानी के दबाव से पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर में चंपारण तटबंध टूटने से अफरा-मफरी  मच गई. बाढ़ का पानी स्टेट हाइवे नंबर 74 पर चढ़ गया.

सारण मुख्य तटबंध तीन जगहों पर टूटने से स्थिति भयावह हो गयी है. मांझा प्रखंड के पुरैना, बरौली प्रखंड के देवापुर और बैकुंठपुर के पुरैना में तटबंध टूटने से दर्जनों गांव प्रभावित हो गये हैं. बल्कि लगातार नदी का पानी नये गांव में प्रवेश कर रहा है. गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है. चारों तरफ हहाकार मचा हुआ है.

NH-28 पर पानी आ जाने से असम से दिल्ली जाने वाले वाहनों पर काफी असर पड़ेगा. जब यह बांध टूटा तब गंडक में करीब 4 लाख क्यूसेक पानी का बहाव था. बांध के टूटते ही लोग अपने मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों पर जाने लगे हैं. ऊपर असमान से लगातार बारिश हो रही है और नीचे पानी के बहाव की वजह से लोगों की मुश्किलें दोगुनी हो गईं.  

रेलवे पर भी पड़ा असर

बिहार में आई बाढ़ का असर रेल नेटवर्क पर भी पड़ा है. रेलवे ट्रैक के डूबने के कारण दिल्ली से बिहार जाने वाली कई ट्रेनों के रूट में बदलाव किए गए हैं. समस्तीपुर-दरभंगा रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद हो गई है.

जानकारी के मुताबिक समस्तीपुर रेल मंडल के हायाघाट स्टेशन के पास स्थित पूल संख्या 16 पर कोसी नदी का पानी आ गया है. इसकी वजह से अभियंत्रण विभाग ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से समस्तीपुर-दरभंगा रेलमार्ग पर अगले आदेश तक ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है.