भूपेश सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी का आरोप

रायपुर. विपक्ष ने शून्य काल में स्थगन प्रस्ताव लाते हुए किसानों की कर्ज माफी की घोषणा कर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाया. हालांकि विधानसभा अद्द्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया.

वहीँ अजित जोगी ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव स्वीकार हो या नहीं हो, लेकिन मंत्री महोदय से मेरी मांग है की वे ऐसी कोई व्यवस्था करें जिसके तहत किसानों को खेती करने के लिये बीज आसानी से मिल जाए.

रमन सिंह ने भी किसानों का मामला उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर इसपर चर्चा करने की मांग की. इसके बाद अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि मानसून किसानों को धोखा दे रही है तो सरकार भी किसानों का साथ नहीं दे रही. यह किसानों का कमर तोड़ देगी. इसलिए इस मामले पर चर्चा जरूरी है.

किसान आत्महत्या कर रहे हैं. किसानों को कर्जमाफी नहीं मिली है. अभी तक किसान बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं. इस मामले पर पक्ष-विपक्ष दोनों पक्षों में तीखी नोक-झोंक होने लगी और आरोप प्रत्यारोप लगाए जाने लगे. इससे पहले ही भारी हंगामे की वजह से सदन को 10 मिनट के लिए सदन को स्थगित कर दिया गया.

जब सदन फिर से शुरू हुआ तो बृजमोहन अग्रवाल ने किसानों की बात करते हुए कहा कि ये मानसून सत्र है. यह सत्र ही किसानों से सम्बंधित मामलों पर चर्चा के लिए है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि किसानों के मामले में जब भी सवाल पूछा जाता है मंत्री यही कहते हैं कि यह मामला फलां विभाग का है तो फलां मामला फलां विभाग का है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के मामले पर अलग-अलग विभागों की बात कहती है. यह गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है.

हिन्दुस्थान समाचार/रंजन/केशव

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