माताटीला बांध से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से इस नदी में आई बाढ़, UP के 12 गांवों का सम्पर्क कटा

हमीरपुर, 11 सितम्बर. माता टीला बांध से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बुधवार को यहां हमीरपुर में बेतवा और यमुना नदी फिर उफान पर आ गयी है. नदियों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के बाशिन्दों को अलर्ट कर दिया गया है.

कई तटवर्ती गांवों में सैकड़ों एकड़ फसल भी बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गयी है. वहीं मौरंग खदानें बाढ़ के पानी से डूब गयी है. इस समय बेतवा नदी का जलस्तर 100.28 मीटर पार कर गया है.

वहीं यमुना नदी का जलस्तर 100.68 मीटर पार हो गया है. बेतवा नदी के उफनाने से सिडऱा के पास देवगांव मार्ग पर भी कई फीट पानी भर गया है जिससे एक दर्जन गांवों का सम्पर्क जिला मुख्यालय से कट गया है.

मौदहा बांध निर्माण खण्ड के अधिशाषी अभियंता एके निरंजन ने बुधवार को दोपहर बताया कि माता टीला बांध से सुबह एक लाख क्यूसे पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया है वहीं इससे पहले 4 लाख क्यूसेक पानी माता टीला बांध से छोड़ा गया है.

इसके अलावा कोटा बैराज चंबल से भी लाखों क्यूसेक पानी यमुना नदी में पास हो रहा है जिससे दोनों नदियों में बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडरा गया है.

सूरजपुर से कारीमाटी जाने वाले मार्ग पर बना रपटा भी बाढ़ के पानी में डूब गया है जिससे एक दर्जन गांवों का सम्पर्क जिला मुख्यालय से कट गया है.

उन्होंने बताया कि बांधों से पानी छोड़े जाने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढऩे की सूचना जिला प्रशासन और शासन को दे दी गयी है. उन्होंने बताया कि बाढ़ के खतरे को लेकर बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है.

अधिशाषी अभियंता के मुताबिक दोनों नदियों की बाढ़ से मनकी कला, मनकी खुर्द, उमराहट, बरुआ, बिलौटा, भौली, भटपुरा, जलाला, जमरेही तीर, जमरेही ऊपर, बचरौली, टिकरौली, चंदूपुर, भिलांवा, मेरापुर, कोतूपुर, पटिया, पत्यौरा.

सुरौली बुजुर्ग, चंदवारी, घुरौली, मंगरौठ, चिकासी, सुजगवां, हरदुआ, बड़ेरा खालसा, बरौली, बिरहट, इस्लामपुर, इछौरा, बेंदों डांडा, बडेरामाफ, बन्धौली, जिटकरी, रतौली, जमौड़ी, अतरौली, चंडौत, बसरिया, रिरुआ बुजुर्ग, भेड़ी, कुपरा, बेरी.

रानीगंज, बिन्दपुरी, इन्दपुरी, बैजे इस्लामपुर, कंडौर, हरेहटा, केवटरा पतारा, नैठी, गिमुहां, रिठौरा, कनौटा, बदनपुर, मोराकांदर, परसनी, कुम्हऊपुर, सहुरापुर, पौथिया, कीरतपुर, परछछ, सहजना, कलौलीतीर, हेलापुर, चंदुलीतीर, अमिरता, कुछेछा.

सूरजपुर, पारा ओझी, सिडऱा, कारीमाटी, देवगांव सहित छह दर्जन से अधिक गांवों को प्रभावित करती है. इन गांवों में नदियों के जलस्तर बढ़ने से लोगों में हड़कंप मच गया है.

इधर अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि नदियों के जलस्तर बढ़ने पर तटवर्ती ग्रामों के लोगों को सतर्क करने की कार्यवाही की गयी है. नदियों के आसपास नावों के संचालन पर भी रोक लगायी गयी है. हिन्दुस्थान समाचार/पंकज

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