ट्रम्प के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी में बर्नी सैंडर की बढ़त जारी

लॉस एंजेल्स, 12 फरवरी (हि.स.). रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव-2020 के लिए करीब आधा दर्जन डेमोक्रेट उम्मीदवारों में वरमोंट से सीनेटर बर्नी सैंडर्स बढ़त बनाए हुए हैं. इस रेस में पूर्व उप राष्ट्रपति जोई बिडेन पांचवें स्थान पर पिछड़ गए हैं. डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों में परस्पर उठापटक के कारण प्राथमिक चुनाव में लोगों की दिलचस्पी है.

अभी तक यह तय नहीं हो पा रहा है कि ऊंट किस करवट बैठेगा. श्वेत बहुल मतदाताओं की पहली पसंद में बर्नी सैंडर्स कड़े संघर्ष में आयोवा प्राइमरी में एक युवा पूर्व मेयर पेटे बुटिगेग से बाल-बाल बच गए, लेकिन दूसरे श्वेत बहुल हैंपशायर में बर्नी (26.1 %, 42268 मत) ने मामूली बढ़त ले कर प्रतिद्वंद्वी बुटिगेग (23.9%, 39842 ) को हराकर कर बढ़त स्थापित कर ली है.

वाममार्गी बर्नी को श्वेत मतों के साथ लैटिनो, अफ्रीकी और मुस्लिम मत भी काफी मिल रहे हैं. कहा जाता है कि न्यू हैंपशायर प्राइमरी जीतने वाले उम्मीदवारों के लिए यह स्थान फलदायी रहा है, फिर चाहे वह बराक ओबामा हो अथवा डोनाल्ड ट्रम्प. यूं तो उम्मीदवारी की दौड़ में एंड्रयू यांग और कोलोरोडा सीनेटर माइकल बेनेट ने मैदान छोड़ दिया है. पहले पांच स्थानों के बाद अरबपति व्यवसायी टॉम स्टेयर (हवाई) और भारतीय मूल की तुलसी गाबार्ड चाहे-अनचाहे मैदान में हैं.

बतौर औपचारिकता रिपब्लिकन उम्मीदवारों में ट्रम्प के खिलाफ मैसाचुटेस के पूर्व गवर्नर बिल वेल्ड जरूर हैं, लेकिन राष्ट्रपति एकतरफा मत हासिल कर नई बुलंदियां छू रहे हैं. नवेडा 22 फरवरी और साउथ कैरोलाइना प्राइमरी 29 फरवरी को तय है. बर्नी सैंडर्स के कार्यकर्ताओं में 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से ज्यादा उत्साह है. भारतीय मूल की सांसद प्रोमिला जयपाल ने बर्नी सैंडर्स को समर्थन देने की घोषणा की है.

इस प्राइमरी में पूर्व उप राष्ट्रपति जोई बिडेन और एग्जिट पोल में सबसे आगे चल रही एलिजाबेथ वारेन को चौथे और पांचवें स्थान पर संतोष करना पड़ा. इसमें खास बात यह रही कि एमी क्लोबचर (20.1% 34102 मत) तीसरा स्थान लेने में सफल रहीं.

मुमकिन है, जोई बिडेन अश्वेत और डेमोक्रेट बहुल साउथ कैरोलाइना और नवेडा में बर्नी को कडे मुकाबले में आगे निकल जाएं. एलिजाबेथ ने तो स्पष्ट कहा है कि जुलाई में होने वाले डेमोक्रेटिक सम्मेलन से पूर्व उम्मीदवारी के लिए अभी लंबी लड़ाई बाकी है.

हिन्दुस्थान समाचार/ललित मोहन बंसल/मुकुंद

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