PM Solar Panel Yojana मे सौर ऊर्जा से बिना खर्च सिंचाई पंप चलाएं तथा हर महीने पाए निश्चित आमदनी

yyy
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

Pradhan Mantri Solar Panel Yojana का आरंभ बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा किया गया है.प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना का उद्देश्य भारत के किसानों को अतिरिक्त आय स्रोत प्रदान करना है तथा वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है.

प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना को सरकार द्वारा KUSUM Yojana नाम दिया गया है. Pradhan Mantri Solar Panel Yojana किसानों को दो प्रकार के लाभ उपलब्ध कराएगी.

किसान पुराने डीजल सिंचाई पंप की जगह सोलर पैनल से चलने वाले सिंचाई पंपों का प्रयोग कर पाएंगे और दूसरा उन्हें खेत में लगे सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली को विभिन्न बिजली कंपनियों को बेच कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकेंगे.

“योजना का उद्देश्य”
प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना का उद्देश्य देश के किसानों को सशक्त बनाना है तथा उन्हें आय के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना है. यह योजना निश्चित रूप से देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी तथा उनकी आय को दोगुना भी करेगी. सिंचाई में आने वाले पेट्रोल और डीजल खर्च की भी बचत होगी और साथ ही साथ किसानों को मासिक रूप से अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध कराएगी.

यदि आप अपनी 5 एकड़ जमीन पर 1 मेगा वाट का सोलर प्लांट लगाते हैं तो आपको बिजली कंपनियों द्वारा 30 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से दिया जाएगा तथा 1 वर्ष में 1 मेगा वाट का सोलर प्लांट 11 लाख यूनिट बिजली उत्पन्न करता है. केंद्र सरकार द्वारा बजट 2020 में इस योजना को इसलिए आगे बढ़ाने का ऐलान किया गया है ताकि किसानों की सिंचाई और बिजली की जरूरत वह खुद पूरी कर सकें.

इस योजना में सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना 2020 के तहत देश के 20 लाख किसानो को लाभ पहुंचाया जायेगा.

Pradhan Mantri Solar Panel Yojana के अंतर्गत किसान अपनी बंजर जमीनों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा से बिजली बना सकते हैं तथा इसे विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी बिजली कंपनियों को बेचकर प्रतिमाह पैसा कमा सकते हैं.

“योजना का लक्ष्य”
इस योजना के तहत पहले चरण में 17 .5 लाख सिचाई पम्पो को सोर पैनल की सहायता से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. इस योजना के तहत वर्ष  2022 तक देश में तीन करोड़ सिचाई पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. 

PM Free Solar Panel Scheme 2020 के ज़रिये डीजल की खपत और कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.इस योजना के अंतर्गत 15 लाख किसानों को ग्रिड से जुड़े सोलर पंप लगाने के लिए धन मुहैया कराया जाएगा. इस योजना के अंतर्गत वित् मंत्री द्वारा 50 हज़ार करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है.

“अतिरिक्त बिजली बेचकर किसान की होगी आमदनी”
इस योजना के तहत डीजल तथा पेट्रोल से चलने वाले सिंचाई पंपों पर होने वाले खर्च से किसान को मुक्ति मिलेगी. इस योजना में वर्ष 2022 तक देश में तीन करोड़ सिचाई पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी.

इससे होने वाली बचत को किसानों की आमदनी ही समझा जाएगा. साथ ही सौर ऊर्जा पैनल से उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली को किसान सीधे कंपनियों को बेच कर मुनाफा कमा सकेंगे. जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और 2022 का किसानों की आमदनी गुना करने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा.

“पंजीकरण की प्रक्रिया तथा जरूरी दस्तावेज”
यदि आप प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन, पंजीकरण करना चाहते हैं तो सर्वप्रथम MNRE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं इसके बाद योजना से जुड़े सभी दिशानिर्देश, पात्रता लाभ इत्यादि के बारे में विस्तार पढ़ें.

विद्युत वितरण कंपनियां और नोडल एजेंसियां तथा MNRE(Ministry of new and Renewal energy) ​​इस योजना को लागू करेंगी जिसके लिए शीघ्र ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे. इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए अपनी वितरण कंपनियों या राज्य अक्षय ऊर्जा नोडल एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं.

1.आवेदक भारतीय निवासी होना चाहिए

2.आधार कार्ड

3.पत्र व्यवहार का पता

4.किसान की भूमि के दस्तावेज जैसे खसरा खतौनी इत्यादि

5.घोषणा पत्र

6.बैंक खाते की पासबुक

7.फोटोग्राफ

8.मोबाइल नंबर

“प्रधानमंत्री सोलर पैनल योजना का लाभ”
किसान सोलर सिंचाई पंप स्थापित करके पेट्रोल एवं डीजल ईंधन की लागत को समाप्त कर सकते हैं अथवा बचा सकते हैं. योजनाओं का दूसरा लाभ यह है कि किसान सीधे सरकार को अतिरिक्त बिजली बेच मुनाफा कमा सकते हैं.

सरकार द्वारा आयात किए जाने वाले कच्चे तेल के खर्च में भी कमी आएगी.कुसुम योजना केंद्र सरकार की दोहरी लाभ योजना है।प्रधानमंत्री सौर पैनल योजना उन किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करेगी जो अपनी जमीनों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगे. सोलर प्लांट के नीचे किसान आसानी से सब्जियां दाल इत्यादि उगा सकता है.

हिंदुस्थान समाचार/कर्मवीर सिंह तोमर