पीएम फसल बीमा योजना से दूर होगी खेती में अनिश्चितता, फसल नुकसान की होगी तुरंत भरपाई

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सरकार द्वारा किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई एक योजना है जिसका उद्देश्य भारतवर्ष में कृषि को बढ़ावा देना खेती में रिस्क फैक्टर को कम करना यानी प्राकृतिक आपदा द्वारा होने वाले नुकसान की भरपाई करना है. इस योजना के लागू हो जाने के बाद किसानों की आत्महत्या में कमी आई है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसान अपनी फसल का बीमा बहुत कम प्रीमियम दरों पर करवा सकते हैं.इस योजना को सफल बनाने हेतु केंद्र और राज्य सरकार दोनों अपना अपना योगदान देती है. यानी बजट का अपना अपना हिस्से का भार दोनों सरकारे उठाएंगी.

इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए लगभग 17600 करोड रुपए के बजट का आवंटन किया गया है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बीमा भुगतान की जिम्मेदारी बीमा कंपनी उठाएगी. अब विस्तार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है और यह कैसे क्रियान्वित होती है इस में लगने वाले दस्तावेज कौन-कौन से हैं के बारे में बात करते हैं.

“पीएम फसल बीमा योजना क्यों आवश्यक”
हमारे देश का किसान धूप छांव बारिश एवं बंजर धरती से जंग लड़कर खाद्यान्न पैदा करता है. किसान की खेत में खड़ी फसल अगर नष्ट हो जाती है तो उसे सहारा देने वाला कोई भी नहीं होता है. ऐसे में वह या तो महाजन के चंगुल में फंस जाता है. और अंत में उसको आत्महत्या करने के लिए विवश होना पड़ता है. किसान को इस दुखदाई स्थिति से निकालने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है. जो किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है.

“पीएम फसल बीमा योजना क्या है”
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सरकार द्वारा किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई योजना है. इसका लक्ष्य किसानों की आत्महत्या को रोकना एवं खेती में अनिश्चितता की समस्या को दूर करना है. किसान की कोई भी फसल जिस का बीमा कराया गया हो अगर नष्ट हो जाती है तो उसका पूरा भुगतान कृषि बीमा कंपनी करेगी.

“फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान”
फसल बीमा के प्रीमियम का भुगतान किसान केंद्र सरकार व राज्य सरकार तीनों मिलकर करेंगे. प्रीमियम का एक हिस्सा किसान को देना है बाकि 2 हिस्सा केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर देंगी. इस प्रकार किसान के ऊपर प्रीमियम का ज्यादा भार भी नहीं पड़ेगा.

“योजना मे आवेदन के लिए दस्तावेज”
ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले आप अपने सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके रख ले. अगर आपके पास स्मार्टफोन है तो आप इन सभी कागजातों को फोन के कैमरे से फोटो खींच कर फोन के जरिए ही ऑनलाइन

आवेदन कर सकते हैं.प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल का बीमा करवाने के लिए जिन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी वह इस प्रकार हैं.
1- आधार कार्ड
2- पहचान पत्र
3- निवास प्रमाण पत्र के रूप में मतदाता
पहचान पत्र या आधार कार्ड
4- बोई गई फसल की माप हेक्टेयर में
5- बोई गई फसल की तिथि
6- बीज का प्रमाण पत्र राज्य के संबंधित
विभाग से लिया गया
7- जमीन संबंधी दस्तावेज
8- कैंसिल किया हुआ चेक या पासबुक की
प्रति
9- आवेदनकर्ता की फोटो

“फसल बीमा योजना के प्रीमियम की दरें”
इस योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाने पर आपको फसल के अनुसार प्रीमियम का भुगतान करना होगा.

“बागवानी तथा पुष्प उत्पादन”
यहां पर बागवानी से अभिप्राय फल एवं फूल उत्पादन की खेती से है. इन सब प्रकार की फल एवं फूल वाली फसलों पर प्रीमियम की दर 5% देनी होगी. उदाहरण के तौर पर आपने बगीचे का 100000 का बीमा करवाया है तो उसके लिए आपको प्रीमियम की राशि 5000 रुपए का भुगतान करना होगा.

“खरीफ की फसलें”
खरीफ की फसलों के लिए प्रीमियम की दर 2% रखी गई है. इसके अंतर्गत धान बाजरा मक्का ज्वार गन्ना आदि फसलें आती हैं. 100000 के बीमे पर लगभग ₹2000 का प्रीमियम भुगतान करना होगा.

“रबी की फसलें”
रबी की फसलों में गेहूं जो सरसों चना मसूर आदि सम्मिलित है. रबी की फसल के प्रीमियम की दर 1.5 प्रतिशत होगी. इसमें एक लाख के बीमे पर आपको पंद्रह ₹1500 प्रीमियम का भुगतान करना होगा.

” फोनतिलहन की फसलें”
दुल्हन की फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत की दर से गेम का भुगतान करना होगा यानी अगर आप की फसल की वैल्यू 100000 लगाई गई है तो 1500 रुपए प्रीमियम का भुगतान करना होगा. तिलहन की फसलों में मूंगफली सरसों तेल सोयाबीन सूरजमुखी अभी फसलें आती है.

“पीएम फसल बीमा योजना के फायदे”
1- योजना के अंतर्गत बीमा कराई गई फसलों यदि किसी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में नुकसान होता है तो कुल फसल की वैल्यू का 25% किसान को तुरंत मिल जाएगा. बाकी बची हुई रकम सरकार द्वारा कुछ औपचारिकताएं करने के बाद मिल जाएंगी.
2- इस योजना का लाभार्थी बनने के लिए सरकार ने किसानों पर किसी तरह की कोई सीमा निर्धारित नहीं की है अर्थात फसल बीमा योजना का लाभ हर प्रकार का छोटा बड़ा कोई भी किसान ले सकता है.
3- इस बीमा योजना के अंतर्गत बीमा निकासी की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है. जिससे किसानों को अपना पैसा निकालने के लिए लंबे समय का इंतजार न करना पड़े.
4- इस योजना को सफल बनाने के लिए धन एवं संसाधनों की उपलब्धि के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार दोनों की भागीदारी रखी गई है.
5- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लक्ष्य सभी किसानों को इस योजना से लाभान्वित करने का है. फल स्वरूप हो सकता है कि किसानों की आत्महत्या करने का सिलसिला बंद हो जाए.
6- यदि खेत की बुवाई करते समय आपके पास में पूंजी नहीं है और आपने उधार लेकर अपने खेत में बुवाई की है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप पीएम फसल बीमा योजना के अयोग्य हो गए. बुवाई करने के बाद भी किसान अपनी फसल को बीमा योजना से जोड़ सकते हैं.
7- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ने के लिए जो प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है वह राशि पुरानी फसल बीमा योजना से लगभग 25% से 30% तक कम है.
8- यदि किसी किसान की फसल में नुकसान होता है और किसान के पास स्मार्टफोन है तो किसान बीमा का भुगतान करने वाली कंपनी को स्मार्टफोन के जरिए फोटो भेज कर अपने दावे की मांग कर सकता है.
9- यह योजना पुराने समय से चल रही योजना का ही उन्नत संस्करण है. इसलिए क किसानों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी. नहीं तो किसान को पता नहीं चलेगा योजना पुराने वाली है या नई वाली है.

“आवेदन कैसे करें”
इस योजना का लक्ष्य है कि किसान को उसकी फसल का बीमा बेहद कम प्रीमियम पर उपलब्ध करवाया जाए और नुकसान होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करके दावे का निपटान किया जाए. भारत सरकार ने क्रॉप इंश्योरेंस Crop Insurance नामक वेबसाइट की शुरुआत की है. इसमें देश का कोई भी किसान ऑनलाइन अप्लाई कर सकता है.

मोबाइल के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सरकार की मोबाइल एप्लीकेशन जैसे CROP INSURANCE, KISAN SUVIDHA, AGRI MARKET, PUSA KRISHI की शुरुआत की है. इन एप्लीकेशंस को अपने मोबाइल में डाउनलोड करने के लिए आपको गूगल प्ले स्टोर में जाकर उसको अपने फोन में इंस्टॉल करना होगा. क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल के माध्यम से आप बैंक से या फिर बीमा कंपनी से अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं.

हिंदुस्थान समाचार/कर्मवीर सिंह तोमर

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