कोरोना के चलते उत्तराखंड में पर्यटकों के प्रवेश पर लगी रोक

  • सरकार की बुजुर्गों और बच्चों से घर पर रहने की अपील
  • मानवाधिकार आयोग 31 तक नहीं सुनेगा कोई केस

उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर शासन ने तत्काल प्रभाव से राज्य में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. इनमें घरेलू और विदेशी दोनों तरह के पर्यटक शामिल हैं.

उत्तराखंड सरकार ने पिछले सप्ताह राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण रोग को महामारी घोषित किया था. अब इसी एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के अंतर्गत उत्तराखंड एपिडेमिक डिजीज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अग्रिम आदेशों तक उत्तराखंड में सभी घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है.

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव नीतेश झा ने शुक्रवार को यहां जारी आदेश में कहा है कि कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए अनावश्यक भ्रमण न करने के लिए अब से पहले अनेक एडवाइजरी जारी की गई हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की आवश्यकता महसूस की गई ताकि प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.

गुरुवार शाम तक उत्तराखंड में कोरोना वायरस से संक्रमित कुल तीन मरीज पाए गए हैं. ये सभी इंदिरा गांधी वन अनुसंधान अकादमी (एफआरआई), देहरादून के ट्रेनी आईएफएस अधिकारी हैं. ये पिछले महीने 10 दिन के प्रशिक्षण के लिए विदेश गए अधिकारियों के दल में शामिल थे. विदेश यात्रा के दौरान ये तीनों स्पेन में होटल के एक ही कमरे में साथ रहे थे. अकादमी में तीन ट्रेनी आईएफएस अफसरों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद सरकार के निर्देश पर एफआरआई देहरादून को बीती देर रात लॉक डाउन कर दिया गया. वहां अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की इजाजत नहीं है.

बुजुर्गों और बच्चों से आग्रह : राज्य सरकार ने 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को 31 मार्च तक घर पर रहने की अपील की है. चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव नीतेश झा ने इस बारे में एडवाइजरी की है. उन्होंने सलाह दी है कि मेडिकल प्रोफेशनल और अन्य आवश्यक सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों के अलावा अन्य सभी 65 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक 31 मार्च तक घर पर ही रहें. यह एडवाइजरी इस बात को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है कि बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर कोरोना वायरस के संक्रमण का अधिक प्रभाव देखने को मिला है.

मानवाधिकार आयोग सतर्कः कोरोना वायरस के संक्रमण को वैश्विक आपदा के रूप में देखते हुए उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग देहरादून ने एहतियाती कदम उठाए हैं. आयोग के अनु सचिव अखिलेश मिश्रा के अनुसार फिलहाल कोरोना के खतरे के मद्देनजर सिर्फ अति महत्वपूर्ण प्रकरणों में सुनवाई की जा रही है लेकिन मौजूदा स्थिति में संक्रमण की त्वरित प्रकृति के मद्देनजर निरंतर प्रभावी रोकथाम करने के लिए 23 से 31 मार्च तक आयोग में निर्धारित परिवादों की सुनवाई नहीं होगी. इन तिथियों में लगे हुए परिवादों में सुनवाई क्रमशः 24, 25, 26, 27 एवं 31 अगस्त और 1 सितंबर, 2020 को की जाएगी.

हिन्दुस्थान समाचार/दधिबल

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