बाहुबली अतीक अहमद की पैरोल पर रिहाई नहीं, जमानत अर्जी खारिज

गुजरात स्थानांतरित करने के आदेश अभी नैनी जेल प्रशासन को नहीं मिले

प्रयागराज

पूर्व सांसद अतीक अहमद के पैरोल पर रिहा होने की जमानत अर्जी सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने खारिज कर दी. अतीक को गुजरात स्थानांतरित करने के आदेश अभी नैनी जेल प्रशासन को नहीं मिले हैं, इसलिए उनके स्थानान्तरण की कार्यवाही फिलहाल चुनाव तक रुकी रह सकती है.

बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद नैनी जेल में बंद हैं और वह वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहते थे. पैरोल पर रिहा होने के लिए उन्होंने अर्जी दी थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई.

विशेष जज पवन कुमार तिवारी ने कहा कि उपरोक्त तथ्य, परिस्थिति, विधिक उपबन्धों तथा उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित संदर्भित आदेश के आलोक में अभियुक्त अतीक अहमद की ओर से दिये गये शार्ट टर्म बेल से संबंधित प्रार्थना पत्र में कोई विधिक आधार नहीं है. इसलिए प्रार्थना पत्र खारिज किया जाना न्यायहित में ईष्टकर होगा. यह कहते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे गुजरात स्थानांतरित करने के आदेश-

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की नैनी जेल में बंद बाहुबली अतीक अहमद के गुर्गों की तरफ से एक व्यापारी को अगवा कर गाजीपुर जेल में लाकर पीटने के मामले की जांच 23 अप्रैल को सीबीआई को सौंप दी है.

साथ ही कोर्ट ने लापरवाही बरतने वाले जेल अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अतीक अहमद को गुजरात की जेल में ट्रांसफर करके अतीक के खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई में तेजी लाने का भी निर्देश दिया है।कोर्ट ने पिछली 8 जनवरी को इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी थी.

आरोप है कि व्यापारी मोहित जायसवाल को लखनऊ से 26 दिसम्बर 2018 को गाड़ी समेत घर से अगवा करने के बाद गाजीपुर जेल ले जाकर अतीक अहमद की बैरक में पीटा गया. उसकी कनपटी पर पिस्तौल सटाकर उनकी पांच कंपनियों का मालिकाना हक दो युवकों के नाम ट्रांसफर करवा लिया गया था.

हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त

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