धर्म के साथ पर्यटन का भी मुख्‍य केंद्र बनेगा अयोध्‍या

विदिशा, 12 नवम्‍बर

उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले ने शताब्दियों के विवाद और विषाद को समाप्त कर अपनी सर्वोच्चता को साबित किया है. यह निर्णय भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करेगा. अयोध्या धार्मिक नगरी के साथ ही एक पर्यटन नगरी भी बन सकती है. इसके लिए जो भी प्रयास होंगे वे किए जाएंगे. यह कहना था विदिशा के एक दिवस प्रवास पर आए केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल का .

उन्‍होंने आज विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का आकस्मिक निरीक्षण कर, एएसआई को दिये गये पिछले निर्देशों के क्रियान्वयन पर अधिकारियों से चर्चा भी की . साथ ही आगामी 23, 24 नवम्बर को होने वाले अंतरराष्ट्रीय महाबोधि मेले की तैयारी पर भी चर्चा की.

उन्‍होंने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि अयोध्या मंदिर संबंधी उच्चतम न्यायालय का निर्णय ऐतिहासिक है, इसका सम्‍मान करने और स्वीकार करने के लिए सभी को धन्यवाद है. उन्होंने कहा कि इस मामले में लंबी सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अपना फैसला सुनाने से पहले कई समितियों का गठन किया था. इनमें एएसआई की भी एक समिति है. इस समिति की भी निर्णय में अहम भूमिका रही है. इसलिए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग का प्रयास रहेगा कि एएसआई की सभी रिपोर्ट एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित की जाये.

प्रहलाद पटेल ने कहा कि अभी तक उनकी रिपोर्ट पर न्यायालय का स्वामित्व था. लेकिन निर्णय आने के बाद यह रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है. सरकार जल्द ही एएसआई की इस रिपोर्ट को पुस्तक के रूप में सभी के समक्ष प्रस्‍तुत करेगी, जिससे कि आम जनता भी तथ्यों से अवगत हो सके.

यहां अपने इस प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल विदिशा मठ मंदिर के पुजारी महासभा के संत समाज से भी मिले, जहां इस संगठन के पदाधिकारियों एवं संत समाज ने केंद्रीय पुरातत्व के अधीनस्थ प्राचीन उदयगिरि पर्वत की परिक्रमा करने वालों को उनके विभाग के माध्‍यम से नि:शुल्क परिक्रमा की अनुमति दिए जाने पर उनका सम्मान किया.

हिन्‍दुस्‍थान समाचार / मयंक चतुर्वेदी

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