burqa ban in Austria

हिजाब पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों में ऑस्ट्रिया भी शामिल हो गया है. देश की संसद ने सर्वसम्मति से प्राथमिक स्कूलों में हिजाब पहनने पर रोक लगाने के प्रस्ताव को पारित कर दिया है.

हालांकि प्रस्ताव में सीधे तौर पर इस्लाम या हिजाब का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन सरकार में शामिल दोनों दलों के प्रतिनिधि मान रहे हैं कि यह कानून हिजाब पर प्रतिबंध के लिए ही बनाया गया है.

विधेयक में सिर ढंकने वाले कोई भी वस्त्र जो किसी विचारधारा या धर्म से प्रभावित हो, उसे प्रतिबंधित करने की बात कही गई है. कानून में हिजाब की जगह हेडस्कार्फ शब्द का इस्तेमाल किया गया है जबकि सिख बच्चों की ओर से पहने जाने वाले पटका और यहूदियों के किप्पा को इससे बाहर रखा गया है.

ऑस्ट्रिया में पीपुल्स पार्टी और फ्रीडम पार्टी ऑफ ऑस्ट्रिया के गठबंधन की सरकार है. दोनों पार्टियों ने कहा कि लड़कियों को किसी अप्रिय घटना से बचाने के लिए ऐसा ज़रूरी है. वहीं मुस्लिम संगठनों ने आलोचना करते हुए कानून को विभाजनकारी करार दिया है.

अभी हाल में हुए आतंकी हमले के बाद श्रीलंका ने भी चेहरा ढकने वाले परिधान पर प्रतिबंध लगाया है. श्रीलंका के राष्ट्रपति ने ये फैसला शांतिपूर्ण एवं समन्वित समाज स्थापित करने के लिए लिया है ताकि किसी समुदाय को कोई असुविधा भी न हो और राष्ट्रीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके.

श्रीलंका के अलावा गाबोन, मोरक्को, चाड, कैमरून, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस और उत्तर पश्चिम चीन के मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियांग में बुर्का पर प्रतिबंध लगा हुआ है.

श्रीलंका में हुए हमले के बाद  भारत में भी बुर्का पर सियासत बढ़ गई थी. केरल के मल्लपुरम में चलाए जा रहे एक अल्पसंख्यक कॉलेज में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया थी. एजुकेशन सोसायटी ने अपने कॉलेजों में मुस्लिम छात्राओं के मुंह ढंकने और बुर्का पहनकर आने पर रोक लगा दी है. ये कॉलेज मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी की ओर से संचालित किया जाता है.

हिन्दुस्थान समाचार / कृष्ण