Doctors Strike

कोलकाता के नीलरतन सरकार (NRS) अस्पताल में डॉक्टरों के साथ  मारपीट की घटना की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये है. पता चला है कि डॉक्टरों पर योजना बनाकर हमला किया गया था. हमलावरों ने टेंगरा थाना इलाका के बीबी बागान लेन में घूम-घूम कर लोगों को एकत्रित किया था. कहा था, मोहल्ले की इज्जत का सवाल है. सबको चलना होगा. मारना जरूरी है.

कई लोगों ने आशंका व्यक्त की थी कि अगर डॉक्टरों से मारपीट हुई तो पुलिस पकड़ लेगी. तब जिन लोगों ने हमले के लिए लोगों को एकत्रित करना शुरू किया था उन्होंने कहा था कि मारपीट होने पर भी जमानती धाराओं में केस दर्ज होता है. सामूहिक हमले में कोई ऐसी धारा नहीं लगती इसलिए अगर कोई पकड़ा भी गया तो 24 घंटे के अंदर उसे जमानत पर छुड़ा लेंगे.   

हमले की योजना बनाने वाले सत्तारूढ़ खेमे के करीबी बताये जाते हैं और प्रभावशाली हैं  इसलिए लोग उनकी बात को नहीं टाल सके थे. इसके बाद  दो मेटाडोर गाड़ी में 16 और 17 नंबर बीबी बागान लेन से लोगों को  भरकर लाया गया . सैकड़ों की तादाद में  लोग एनआरएस अस्पताल में घुसे थे और ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टरों को मारा पीटा था.

इस घटना की जांच में शामिल एक सूत्र ने शुक्रवार को हिन्दुस्थान समाचार से विशेष बातचीत में इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि उस दिन अस्पताल में 75 वर्षीय मोहम्मद शाहिद के निधन के बाद परिजनों ने जब लापरवाही का आरोप लगाकर डॉक्टरों से सवाल जवाब शुरू किया था तब जूनियर डॉक्टर एकत्रित हो गए थे और उन्होंने रोगियों के परिजनों को मारा पीटा था. इसी के बाद मामला बिगड़ा था. मृतक के शव को भी डॉक्टरों ने रोक दिया था.

हालांकि जिन लोगों को जूनियर डॉक्टरों ने मारा पीटा था वह तो अस्पताल में ही रह गए क्योंकि उन्हें अपने मृत परिजन के शव को लेकर जाना था. जबकि मारपीट के बाद उनके साथ आए युवक और अन्य लोग आक्रोशित हो गए थे और उन्हीं लोगों ने क्षेत्र में जाकर सैकड़ों अन्य लोगों को एकत्रित किया था ताकि डॉक्टरों पर हमले किए जा सकें.

यही लोग अस्पताल पहुंचे थे और जूनियर डॉक्टरों तथा अन्य अस्पताल कर्मियों को पकड़ पकड़ कर  पीटा था. ईंट-पत्थर बरसाए थे. इसी में डॉक्टर परिवह मुखर्जी की खोपड़ी टूट गई और दो अन्य चिकित्सकों का सिर फट गया. उसके बाद से पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था विकल पड़ी हुई है.

मारपीट करने वाले जूनियर डॉक्टरों पर भी होगी कार्रवाई

पुलिस ने यह भी बताया है कि जिन जूनियर डॉक्टरों ने रोगियों के परिजनों को पीटा था उनकी शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है. उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज देखकर ही उनकी शिनाख्त की जा रही है. उसी फुटेज के जरिए हमलावरों की भी पहचान हो रही है.

जांच में यह भी पता चला है कि जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से दो लोग जमशेदपुर और हैदराबाद में काम करते हैं. एक ऑनलाइन खाना पहुंचाने वाली कंपनी का डिलीवरी ब्वॉय है जबकि दूसरा उसका मित्र है.

मूल आरोपित अभी भी हैं फरार

इस घटना में आदिल हारून नाम के एक और शख्स को गिरफ्तार किया गया है. उसकी मां ने कहा है कि उनका बेटा पूरी तरह से निर्दोष है. वह अस्पताल में भर्ती अपने एक संबंधी के लिए खाना लेकर बाइक से गए थे लेकिन मारपीट की घटना में फंस गए थे. किसी अप्रिय घटना की आशंका से वह अपनी बाइक छोड़कर घर लौट आए थे. दूसरे दिन वहां अपने मित्र मोहम्मद शाहनवाज के साथ बाइक लेने के लिए गए तभी पुलिस ने इन दोनों को धर दबोचा.

रोगी के परिजनों ने दावा किया है कि इस मामले में जिन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है उनमें से कोई भी चिकित्सकों के साथ मारपीट के मामले में प्रत्यक्ष तौर पर शामिल नहीं था बल्कि जो लोग शामिल थे उन्हें पुलिस अभी तक पकड़ नहीं सकी है.

वहीं जांच में शामिल एक अन्य अधिकारी ने बताया कि यह सच है कि अभी भी सभी मूल आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है. दो मास्टरमाइंड लोगों की पहचान हुई है जो अभी फरार हैं. उनकी तलाश की जा रही है. संभव है वे बंगाल छोड़कर दूसरे राज्यों में भाग गए हैं. इनकी तलाश के लिए टीम रवाना होगी.

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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