यादों में पासवानः 1974 के आंदोलन में निकट आए और संबंध प्रगाढ़ होता चला गया- अश्विनी चौबे

Ashwini Kumar Choubey
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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन से राजनीति में एक शून्यता आ गई है, जिसका भरना मुश्किल है. ये बात केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहीं. रामविलास पासवान को याद करते हुए अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि भारतीय राजनीति में उनकी कमी लंबे समय तक खलेगी.

उन्होंने कहा कि साल 1974 के छात्र आंदोलन के दौरान जो उनके साथ निकट का संबंध बना, दिनों-दिन और अधिक प्रगाढ़ होता चला गया. लोकनायक जयप्रकाश नारायण के साथ बैठकर हम लोग आंदोलन की रूपरेखा बनाते थे.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह दुखद संयोग है कि जिस दिन संपूर्ण क्रांति के जनक लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्य तिथि थी, उसी दिन रामविलास पासवान का निधन हुआ. उनकी विनम्रता सार्वजनिक जीवन में एक मिसाल है.

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने उनके साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए कहा कि सभी को साथ लेकर चलने वाले राजनीतिज्ञ थे. मैंने उन्हें कभी भी गुस्से में नहीं देखा. कोरोना संक्रमण काल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आकांक्षाओं को जिस तरह से उन्होंने पूरा किया. यह रामविलास जी के प्रशासनिक क्षमता का बेजोड़ उदाहरण है.

गरीबों को मुफ्त अनाज एवं ‘एक देश एक राशन कार्ड’ के लिए हमेशा याद किए जाएंगे

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि उन्होंने कोरोना संक्रमण काल में जिस तरह से 80 करोड़ से अधिक आबादी तक पूरे देश में मुफ्त अनाज की व्यवस्था कराने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया, उसकी देशभर में प्रशंसा हुई.

एक देश एक राशन कार्ड योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की योजना है. रामविलास जी ने इसे पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनकी कार्यप्रणाली, राजनीति में सरलता, सहजता, सौम्यता के लिए हमेशा याद किया जायेगा.

हिन्दुस्थान समाचार/विजयलक्ष्मी