अब से उत्तराखंड में होगा पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, दूध बढ़ाने के भी हो रहे उपाय


ऋषिकेश, 11 अक्टूबर

उत्तराखंड राज्य में दुग्ध उत्पादकता को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना बनाई है जिसके तहत जनपद के 100 गांवों का चयन किया गया है. इसके तहत पशु चिकित्सा विभाग पशुपालकों के घरों में जाकर पशु निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा प्रदान कर रहा है.

राजकीय चिकित्सालय श्यामपुर की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ सपना बिष्ट ने शुक्रवार को बताया कि श्यामपुर न्याय पंचायत में कुल 16 राजस्व ग्राम सहित कुल 18 गांव आते हैं किंतु पशुधन गणना के घनत्व के हिसाब से पशु निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान हेतु केवल पाँच गाँवों का चयन किया गया है.

इसके अंतर्गत गुमानिवाला,खदरी खड़कमाफ,गोहरी माफी,रायवाला एवं प्रतीतनगर सम्मिलित हैं.इन गाँवों में केंद्र सरकार द्वारा पोषित निःशुल्क राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान योजना के अंतर्गत अभी तक कुल 35 गाय भैंसों का टीकाकरण किया गया है.

स्वयं सेवक के रूप में योजना के प्रसार में सहयोग कर रहे गोपालक पर्यावरणविद समाजसेवी विनोद ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादकता को बढ़ाने हेतु यह योजना केंद्र सरकार द्वारा पोषित है जिसे राज्य सरकार ने पशु चिकित्सा विभाग की ओर से क्रियान्वित किया है.

सामान्यतः दुधारू पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान हेतु बीज मूल्य के रूप में 100 रुपये तक शुल्क लिया जाता है किंतु इस योजना के तहत पशु चिकित्सा विभाग निःशुल्क सुविधा प्रदान करते हुए टीकारण के साथ पीले रंग का एक कार्ड भी उपलब्ध करा रहा है.

जिसपर टीकाकरण की दिनाँक सहित व्योरा उपलब्ध है.निःशुल्क योजना की यह सुविधा 15 सितम्बर को शुरू की गई थी जो कि 15 मार्च तक चलेगी. पशु पालकों को इस योजना का समुचित लाभ लेते हुए दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना चाहिए जिससे राज्य के ग्रामीण पशुधन विकास को गति मिलेगी.

वीरवार को खदरी के वार्ड नम्बर पांच में गोपालकों योजना का लाभ उठाया. निःशुल्क बीज टीकाकरण के इस अवसर पर पशु चिकित्सालय के फार्मासिस्ट रमेश कुमार यादव,शूरवीर सिंह नेगी,धर्म पाल नेगी,त्रिलोक सिंह,भगवान सिंह ,आकाश कुमार,कलावती देवी,बसंती देवीआदि उपस्थित थे.


हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम

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