भारत-पाक सीमा पर ARMY ने किया युद्धाभ्यास, तोप के गोलों से कांपा रेगिस्तान का इलाका…

भारतीय सेना की सुदर्शन चक्र कोर द्वारा एक फायरिंग एक्सरसाइज “सिंधु सुदर्शन” द्वारा हर दो घंटे में बदलते मौसम के मुताबिक पहली कार्यवाही को 40 हज़ार ट्रुप्स के साथ अंजाम दिया. 

यह अभ्यास 20 अक्टूबर से शुरू होकर 05 दिसंबर तक चलेगा. इस पहली कार्यवाही को सायकल ऑफ इवेंट द्वारा 48 घण्टे में पूरा किया गया. सेना बदलती परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए किसी भी युद्ध को अपने नए डॉक्ट्रोन को परख रही है.

भारतीय सेना ने अपनी पश्चिमी सीमा पर स्थित डेजर्ट सेक्टर में एक फायर पावर डेमोंस्ट्रेशन  का अभ्यास किया. जिसमें उसने अपनी क्षमताओं, प्रवीणता की परिचालन का प्रदर्शन कर सामरिक तैयारियों का अभ्यास किया. 

इस अभ्यास में अपने सभी हथियारों की फायरिंग और एयर डिफेंस का बंदूको, राकेट, टैंक, वायु रक्षा, हेलीकॉप्टर द्वारा दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों पर तेजी से हिट करने की अपनी क्षमता का जानदार प्रदर्शन कर दुश्मन को कड़ा संदेश दिया. आसमां से लेकर जमीनी हमले करने में सक्षम हथियारों के जरिए सेना प्रदर्शन कर रही है.

इस अभ्यास में आर्टिलरी, आर्मड और मेकेनाइज़ेड फोर्सेज, आर्मी एयर डिफेंस, आर्मी एविएशन के प्रहारक अटैक हेलिकॉप्टर्स और एयर फोर्स संसाधनों के साथ स्पेशल फोर्सेज के बीच सहज तालमेल का प्रदर्शन किया गया. 

इसके साथ ही मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम और भारतीय सेना में विशेष रूप से शामिल गेम चेंजर K-9 व्रज की संयुक्त हथियारों के साथ उल्लेखनीय मारक क्षमताओ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया. 

इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण संयुक्त हथियार सामंजस्य, राकेट लॉन्च सिस्टम के एकीकृत प्रदर्शन, नव प्रवर्तित सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी गन सिस्टम K-9 व्रज और स्वदेशी अडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर “रूद्र” का प्रदर्शन था. 

दक्षिणी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एस के सैनी ने इस अभ्यास को देखकर इस अभ्यास और सैनिकों को  उनके उच्च और पेशेवर मानको के लिए बधाई दी. गौरतलब है कि सेना समय समय पर अपनी युद्ध रणनीति में बदलाव करती रहती है.

वर्तमान में तैयार हुई नई रणनीति के तहत सिर्फ 48 घंटों में जबरदस्त प्रहार करते और आगे बढ़ते हुए दुश्मन की जमीन पर कब्जा जमाने की रणनीति भी तैयार हुई. इसकी जांच करने के लिए ही सेना की 21 स्ट्राइक कोर के 40 हजार से भी ज्यादा जवान और अधिकारी थार के रेगिस्तान में कई दिन से पसीना बहा रहे हैं.

HS News/चंद्रशेखर भाटिया

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