राजस्थानः उद्यमियों से बोले अनुराग ठाकुर- मैं आज कुछ बोलने नहीं, आपकी समस्याएं और सुझाव जानने आया हूं

उदयपुर, राजस्थान।

मैं आज यहां कुछ बोलने नहीं, आपकी समस्याएं और सुझाव जानने आया हूं. यह बात शुक्रवार को केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उदयपुर में उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (UCCI) की ओर से आयोजित बजट परिचर्चा कार्यक्रम में कही.

UCCI के पीपी सिंघल सभागार में उदयपुर संभाग के उद्योगपतियों और व्यापारियों के प्रतिनिधियों से उन्होंने अपनी समस्याएं बताने और कर प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए सरकार को सुझाव देने के लिए कहा. ठाकुर ने मंच से कहा कि वे अगला कार्यक्रम छोड़ सकते हैं, लेकिन यहां जिसके भी मन में जो सवाल उठ रहे हैं, वे जरूर कहें.


इसके बाद 30 से अधिक उद्यमियों ने जीएसटी, कस्टम, बैंक, इनकम टैक्स, डायरेक्ट-इनडायरेक्ट टैक्स, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट से संबंधित समस्याएं साझा की. साथ ही कुछ ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कुछ सुझाव भी दिए. समस्याएं सुनने के बाद ठाकुर ने वहां मौजूद संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों से उन सभी के जवाब भी दिलवाए. 

एक-दो मुद्दे जो सरकार की नीति के अंतर्गत थे, उनके जवाब ठाकुर ने दिए और यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित समस्या के समाधान के लिए नियम में शिथिलता भी दी जाएगी. समस्याओं में सर्वाधिक मामले जीएसटी के इनपुट क्रेडिट से जुड़े थे. उद्यमियों ने बताया कि उनके करोड़ों रुपये सरकार के पास अटके रहते हैं, इससे व्यापार की एक मोटी रकम फंस जाती है जो व्यापार वृद्धि में भी नुकसानदेह है. 

मार्बल खनन क्षेत्र होने से स्थानीय मार्बल व्यवसायियों ने बताया कि सरकार की आयात नीति से स्थानीय उत्पाद और व्यापारी को नुकसान हो रहा है. पहले सात लाख टन मार्बल आयात होता था जो पिछले ढाई साल में 40 लाख टन तक पहुंच गया है. स्थानीय स्तर पर मार्बल खरीदने वाला जीएसटी ज्यादा होने के कारण बिल से बच रहा है. 

स्कूल बैंग पर लगने वाली 18 फीसदी GST भी कम करने की मांग उठी. कस्टम विभाग द्वारा व्यापारियों को जवाब देने के लिए बार-बार अलग-अलग शहरों में स्थित कार्यालयों में बुलाने को भी व्यापारियों ने ‘प्रताड़ना’ की संज्ञा दी. व्यापारियों ने कहा कि जिस विभाग का कार्यालय व्यापारी के नजदीक है, वहीं पर जवाब देने की व्यवस्था की जानी चाहिए. 

उन्होंने कहा कि तकनीकी का उपयोग जवाब देने में क्यों नहीं किया जा रहा है. व्यापारी को बार-बार बुलाना कहां तक उचित है. एक उद्यमी ने यह भी कहा कि निर्यात आधारित उद्योगों पर कॉरोना वायरस का असर पड़ा है और निर्यात बंद करने के आदेश के चलते फैक्ट्रियां बंद होने की नौबत आ रही है. इस पर भी सरकार को सोचना होगा.

सभी समस्याओं पर चर्चा के बाद वित्त राज्य मंत्री ठाकुर ने कहा कि पिछले बजट की तरह इस बार भी वे देश भर में उद्यमियों और व्यापारियों से फीडबैक लेने निकले हैं, ताकि अगला वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले यदि कोई बदलाव करना है तो किया जा सके. सरकार समस्या भी जानना चाहती है तो साथ में समाधान के लिए भी विशिष्ट सुझाव चाहती है ताकि उसे अमल में लाने के लिए उस पर निर्णय हो सके. 

ठाकुर ने 2014 से पहले बैंकों की स्थिति, एनपीए की स्थिति की भी चर्चा की और कहा कि आज स्टार्टअप में भारत अग्रणी है, इज ऑफ डुइंग बिजनेस में 142 से 63वें स्थान पर आया है और अर्थव्यवस्था में 11वें से 5वें स्थान पर आया है. देश के युवाओं के लिए रोजगार मांगने की बजाय उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की नीतियां मोदी सरकार बना रही है.

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल

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