लोकसभा में उठी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए गरीब ग्रामीण बच्चों को स्मार्टफोन देने की मांग

Anupriya Patel
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लोकसभा में कोरोना महामारी के कारण उपजे हालात में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए स्मार्टफोन और डाटा प्लान दिए जाने की मांग जोर-शोर से उठी. अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कहा कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों के लिए लैपटॉप, टीवी, रेडियो, टैबलेट की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से ये बच्चे ऑनलाइन शिक्षा पद्धति का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं.

लोकसभा में सोमवार को शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान अनुप्रिया पटेल ने यूनेस्को की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया के 151 देशों में कोविड आपदा काल के दौरान करोड़ों स्कूली बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है और भारत भी उनमें से एक है. उन्होंने कहा कि कोविड आपदा काल की वजह से देश में स्कूल बंद रखने की बाध्यता की वजह से ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को अपनाया गया है.

उन्होंने कहा कि संपन्न परिवारों के बच्चों के पास स्मार्ट फोन, लैपटॉप, डेस्कटॉप, टैबलेट और हाई स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई कनेक्शन, टीवी जैसी आधुनिक सुविधाओं की वजह से ऑनलाइन शिक्षा पद्धति से शिक्षा ग्रहण करना आसान है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गरीब बच्चों के पास इन सारी सुविधाओं का अभाव है.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के गरीब बच्चों के पास लैपटॉप और डेस्कटॉप तो दूर की बात है, एक बेसिक स्मार्ट फोन और हाई स्पीड इंटरनेट भी नहीं है. यहां तक की उन्हें समय से बिजली की सुविधा भी नहीं मिल पाती है. अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत सरकार ने देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का बहुत प्रयास किया है और हमारे शिक्षा मंत्रालय ने भी ऑनलाइन पोर्टल और डाइरेक्ट टू होम टेलीविजन चैनल के माध्यम से कई सारे एजुकेशनल चैनल की शुरूआत की है.

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अभी भी गरीब बच्चों के लिए लैपटॉप, टीवी, रेडियो, टैबलेट की सुविधाएं बहुत दूर की बात है, इसलिए सरकार से आग्रह है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाले गरीब बच्चों के लिए इस कोरोना आपदा काल के समय ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कम से कम एक बेसिक स्मार्टफोन और एक डेटा प्लान उपलब्ध कराने की योजना पर सरकार विचार करे.

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत