अम्फानः रात-दिन राहत व बचाव कार्य में जुटे NDRF के जवान

कोलकाता, प. बंगाल।

अम्फान तूफान तो गुजर गया, लेकिन अपने पीछे बर्बादी के निशान छोड़ गया. पश्चिम बंगाल में इस तूफान से 86 लोगों की मौत हो गई. लाखों मकान बर्बाद हो गए. तो करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं. तूफान से प्रभावित इलाकों में सबकुछ तबाह हो चुका है.

इस तबाही से लोगों को बाहर निकालने के लिए NDRF की टीम ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में राहत एवं बचाव का जिम्मा संभाल लिया है. NDRF की टीम रात-दिन काम कर रही है. जिससे कम समय में ज्यादा लोगों की मदद की जा सके. NDRF के सेकेंड बटालियन के कमांडेंट निशित उपाध्याय ने “हिन्दुस्थान समाचार” से विशेष बातचीत में यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि रविवार सुबह के समय सॉल्ट लेक स्टेडियम से निकलकर NDRF की टीम राहत व बचाव कार्य में जुट गई है. अब कोलकाता और सॉल्टलेक, दमदम आदि क्षेत्रों में चक्रवात की वजह से मुश्किल में फंसे लोगों की मदद यह टीम करेगी. वर्तमान में पश्चिम बंगाल में NDRF की 38 टीमें तैनात हैं.

निशित उपाध्याय ने बताया कि 28 टीम पहले से ही काम कर रही थी. उसके बाद शनिवार देररात 10 और टीम बंगाल पहुंची है, जो विभिन्न क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य में जुट गई है. पश्चिम बंगाल सरकार की मांग पर केंद्र सरकार ने बंगाल में NDRF की 10 और टीमों को भेजा था.

बुधवार को जिस दिन अम्फन चक्रवाती तूफान आया था, उस दिन निशित उपाध्याय की देखरेख में काकद्वीप में ही NDRF में कंट्रोल सेंटर खोला था. चक्रवात से पहले राज्य भर में कम से कम पांच लाख लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया था.

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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