अमिताभ बच्चन ने सुशांत सिंह राजपूत की याद में लिखा ब्लॉग, बिग बी ने पूछा-क्यों..क्यों…क्यों?

79890ce656c6d44574c58ea42f773ee81c4ae1e1362ddb4868b8737cf9f10a6b_1
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

 

 नई दिल्ली:  एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड ने सभी को स्तब्ध कर दिया. उनके निधन पर सेलिब्रिटी सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन ने भी सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि दी है. युवा एक्टर के सुसाइड ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व की आवश्यकता के बारे में कई सवास खड़े कर दिए हैं.

अमिताभ बच्चन अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने अपने ब्लॉग पर इस बात को व्यक्त किया है कि वो इस घटना के बारे में क्या महसूस करते हैं. कोई यकीन नहीं कर पा रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत जैसा सफल अभिनेता इस तरह का कदम उठा सकता था. सभी एक ही सवाल कर रहे हैं कि सुशांत सिंह राजपूत ने आखिर क्यों सुसाइड कर लिया.

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी अपने ब्लॉग में उनसे यही पूछा है. बिग बी ने ट्विटर पर ब्लॉग के लिंक को शेयर कर लिखा-‘सुशांत के यादगार में, दिन 4483 जलसा, मुंबई 14/15 जून, 2020 सोम रात्रि 12:48. .. क्यों .. क्यों.. क्यों.’ उन्होंने ब्लॉग में सुशांत से मुलाकात का भी जिक्र किया है.

अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग में लंबे स्पेस देकर लिखा-‘क्यों..क्यों…क्यों? क्यों सुशांत सिंह राजपूत? आपने अपनी जिंदगी खत्म क्यों कर ली? आपकी शानदार प्रतिभा .. आपका शानदार दिमाग, बिना कुछ मांगे, बोले हमेशा के लिए सो गए क्यों. जितना शानदार उनका काम था, उससे कहीं ज्यादा अच्छा उनका दिमाग था.

वो कई बार जिंदगी के फिलोस्पी में डूबकर खुद को पेश करते थे. लोग उनकी इस गहराई से या तो अचंभित हो जाया करते थे या फिर बिना समझे इसे सुनकर आगे बढ़ जाते. कुछ के लिए ये हल्की-फुल्की चुहलबाजी से ज्यादा और कुछ नहीं था. मैंने ‘धोनी’ में उनका पूरा काम देखा. फिल्म उनके यादगार परफॉर्मेंस को सहेजे हुए है. लेकिन तीन पल मेरे साथ एक ऑब्जर्बर के रूप में हमेशा रहेंगे ..वे इस तरह के विश्वसनीयता के साथ किए गए थे जिसका विश्लेशण करना बहुत कठिन है, या तो इसे नोटिस करें, या इसके होने पर ध्यान दें .. जब भी उन्होंने बात या संवाद किया, तो कुछ उनका इनर वेल्यू था, जो बिना कहे रह गया था.

अब कहा तो सारा कवर हो गया, ये एक अत्यधिक बुद्धि होने का लक्षण है. .. और जब ये डार्वर्जन से एक मोड़ लेता है, तो निश्चित तौर पर आगे के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं. डिप्रेशन, अनचाहा और फ्रस्ट्रेशन.

उनके साथ एक मुलाकात में मैंने पूछा था कि उन्होंने इंटरनेशनल टूर्नामेंट में धोनी के उस आइकॉनिक शॉट को कैसे मैनेज किया था जो उन्होंने छक्का मारकर जीता था, उन्होंने कहा इसके लिए उन्होंने धोनी का वीडियो 100 बार देखा था. ये उनके प्रोफेशनल एफर्ट की गंभीरता थी.

उनकी विनम्र शुरुआत हुई थी, वे कोरियोग्राफर श्यामक डावर के शोज में डांसर्स के ग्रुप में चौथी लाइन का हिस्सा हुआ करते थे, वहां से उठकर, आज वे जहां थे, वहां तक पहुंचना अपने आप में एक कहानी है. अधिकता अक्सर चरम तक ले जा सकती है, किस तरह का मन एक व्यक्ति को सुसाइड की ओर ले जाता है ये एक शाश्वत रहस्य है. सबसे सफल जीवन को समाप्त करने के लिए, बस अनुमति नहीं है.’

हिन्दुस्थान समाचार मोनिका शेखर