विपक्ष के ऐतराज के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया नागरिकता संशोधन बिल

नई दिल्ली. लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक को आज गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में पेश कर दिया. इस पर अधीर रंजन चौधरी (Adhir ranjan Chaudhary) ने विरोध जताया जिस पर अमित शाह ने जवाब दिया.

कांग्रेस नेता (Congress) अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में नागरिक संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि ये कुछ और नहीं बल्कि देश के अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए लाया गया विधेयक है.

इस बिल के पारित होते ही छह दशक पुराना नागरिकता कानून-1955 बदल जाएगा और तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानस्तिान से आने वाले गैरमुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया बेहद सहज हो जाएगी.

इस दौरान अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि ये बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ नहीं है. कांग्रेस ने इस बिल का विरोध किया है. लोकसभा में आज नागरिकता संशोधन विधेयक पर दिन भर चर्चा होगी.

नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 के मुताबिक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसम्बर 2014 तक भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी नहीं माना जाएगा बल्कि उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी. ये विधेयक 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का चुनावी वादा था.

सरकार की योजना लोकसभा में ये बिल पारित कराने के बाद मंगलवार को राज्यसभा में भी इस पर मंजूरी की मुहर लगवाने की है.

मोदी सरकार ने नागरिकता के नए विधेयक में कई संशोधन किए हैं, ताकि गैरकानूनी रूप से भारत में घुसे लोगों और पड़ोसी देशों में धार्मिक अत्याचारों का शिकार होकर भारत में शरण लेने वाले लोगों में स्पष्ट रूप से अंतर किया जा सके.

कांग्रेस सांसदों द्वारा पिछले शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ टिप्पणी की गई थी. कुछ सांसद उनकी ओर बढ़े भी थे, अब इसी पर बीजेपी माफी की मांग पर अड़ी है.

पूर्वोत्तर के कई राज्यों में इस बिल को लेकर व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं और काफी संख्या में लोग तथा संगठन विधेयक का विरोध कर रहे हैं.

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