आतंक पर गृहमंत्री Amit Shah का प्लॉन साफ, लोकसभा में बोले- डर पैदा होना चाहिए

गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा (Lok Sabha) में जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की समस्या पर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. इस दौरान उन्होंने घाटी के आतंकवाद पर भी विस्तार से चर्चा की. और विपक्ष के सवालों का बड़ी बेबाकी से जवाब दिया.

लोकसभा में गृहमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत विरोधी गतिविधि में शामिल रहने वालों के अंदर डर पैदा होना चाहिए. ये डर रहना चाहिए.

गृहमंत्री शाह ने कहा कि आज वहां की आवाम के मन में कोई भय नहीं है. उनको नए मौके दिखाई दे रहे हैं. लेकिन जिनके मन में जम्मू-कश्मीर के अंदर आग लगाने की मंशा है, जिनके मन की जम्मू-कश्मीर को अलग करने की मंशा है, जिनके मन में जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद पैदा करने की मंशा है. तो मैं कहता हूं कि उनके मन में भय रहना चाहिए और वो और बढ़ेगा.

गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जितनी भी समस्या हैं, उनके लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि उस दौरान हम नहीं थे.

शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हमने निकाय चुनाव कराए, एक भी बूंद खून नहीं बहा. शाह ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले वहां कैसे चुनाव होते थे, सभी को पता है.

जम्मू-कश्मीर में विकास का ऐजेंडा

शाह ने कहा कि हम कश्मीर की आवाम की चिंता करने वाली सरकार हैं. आज तक सिर्फ तीन ही परिवार पूरे प्रदेश को चला रहे थे. आज 40 हजार सरपंच अपने-अपने क्षेत्र को चला रहे हैं. आज अधिकार 3 परिवारों से निकलकर जनता तक पहुंचे हैं.

शाह ने कहा कि वहां की जनता ने बहुत सहा है, उन्हें कुछ ज्यादा भी देना पड़ेगा तो कुछ कम नहीं पड़ेगा.

शाह ने कहा कि 7 नवंबर 2015 को प्रधानमंत्री जी ने आजादी के बाद सबसे बड़ा एक विशेष पैकेज जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए 80 हजार करोड़ रुपये देने का काम किया था. गृहमंत्री ने बताया कि ये पैकेज सर्वस्पृशी है. इसमें हर एक नागरिक का समावेश है.

गृहमंत्री ने बताया कि इस पैकेज के तहत 63 बड़े प्रोजेक्ट्स, 16 बड़ी सड़के, 8 पॉवर प्रोजेक्ट, 2 एम्स, 2 IIM, 1 IIT है. और पैकेज की घोषणाएं बहुत सारी हुई हैं. शाह ने बताया कि तकरीबन 82 फीसदी धनराशि दी जा चुकी है. 44 फीसदी से ज्यादा धनराशि के टेंडर आवंटित हो चुके हैं. और 16 प्रोजेक्ट्स अबतक पूरे हो चुके हैं. उनका उद्घाटन भी किया जा चुके हैं.

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