LAC पर तनाव-हिंसक झड़प पर बोला अमेरिका-हालात पर बारीक नजर

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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी (Galvan Valley) में भारत और चीनी सैनिकों के बीच पिछले एक महीने से चल रहे टकराव ने सोमवार देर रात हिंसक रूप ले लिया.

भारतीय सेना के मुताबिक, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ झड़प में भारत के कमांडिंग अधिकारी (कर्नल) समेत 20 जवान शहीद हो गए. हालांकि चीन को भी बड़ी हानि हुई है लेकिन वो आधिकारिक आंकड़ा नहीं दे रहा है.

अमेरिका ने कहा स्थिति पर पूरी नजर- लद्दाख में भारतीय और चीनी सेना के मध्‍य खूनी संघर्ष के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि वो दोनों देशों की स्थितियों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि हम उम्‍मीद करते हैं कि दोनों देश (चीन और इंडिया) अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लेंगे. अमेरिका ने हिंसक झड़प में शहीद हुए भारत के 20 जवानों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं.

यूएन महासचिव ने किया दोनों पक्षों से सयंम बरतने का आग्रह- वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हिंसा और मौत की खबरों पर चिंता जताई और दोनों पक्षों से “अधिकतम संयम” बरतने का आग्रह किया है.

मंगलवार को चला भारत में बैठकों का दौर- मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीन के हमले में भारतीय सैनिकों के शहीद होने को लेकर देश में बने माहौल और आगे की रणनीति पर गंभीर मंथन किया है.

उधर, भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी एलएसी पर खराब हुई स्थिति को ठीक करने के लिए बैठक भी की..चीन के उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई और चीन में भारतीय राजदूत विक्रम मिश्री ने भी बीजिंग में मुलाकात की.

भारत और चीन के बीच चली थी कई राउंड बातचीत-चीन तथा भारत की सेनाओं के बीच लंबे वक्त से चल रहे सीमा विवाद को समाप्त करने के लिए कदम बढ़ाए जा रहे थे. 6 जून के बाद से कई राउंड की बात चल रही थी.सीओ से लेकर लेफ्टिनेंट जनरल तक के अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर चल रहा था.

इसके बाद फैसला लिया गया था कि दोनों देशों की सेना कुछ किलोमीटर तक पीछे हटेंगी और इसके बाद इस फैसले पर अमल भी किया गया था. लेकिन चीन अपनी चालबाजी से जरा भी बाज नहीं आता और धोखे से हमारे भारतीय सैनिकों पर हमला किया.