अब Akhilesh की बुआ नहीं हैं Mayawati, पत्रकार को भी ‘बुआ’ कहने से रोका

आखिरकार बीजेपी (BJP) नेताओं की भविष्यवाणी सही साबित हुई. और लोकसभा चुनाव के बाद एसपी-बीएसपी गठबंधन टूट चुका है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने उपचुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है. मायावती के बाद अखिलेश ने भी अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.

एसपी-बीएसपी गठबंधन टूटने के बाद लगता है कि अखिलेश को बुआ शब्द से भी एलर्जी हो गई है. शायद इसीलिए जब एक कार्यक्रम में पत्रकारों ने अखिलेश (Akhilesh Yadav) से सवाल पूछते हुए बुआ शब्द का इस्तेमाल किया, तो उन्होंने पत्रकारों को पत्रकारिता की नसीहत दे दी.

दरअसल अखिलेश गाजीपुर (Ghazipur) के सलारपुर गांव में गए थे. यहां 24 मई को सपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य विजय यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मृतक विजय के घर अखिलेश श्रद्धांजलि देने के लिए गए थे. इस दौरान पत्रकारों ने जब गठबंधन को लेकर सवाल किए तो उन्होंने मायावती के फैसले को स्वीकार करने की बात कही.

मायावती को बुआ कहने पर अखिलेश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पत्रकार होने के नाते आप लोगों को ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब उपचुनाव में गठबंधन है ही नहीं तो हम भी अपनी तैयारी करेंगे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उपचुनाव में सभी 11 सीटों पर समाजवादी पार्टी भी अकेले चुनाव लड़ेगी.

माया ने क्या कहा?

मायावती (Mayawati) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से किनारा करते हुए उपचुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान किया है. मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि गठबंधन के बाद सपा प्रमुख और उनकी पत्नी ने काफी सम्मान किया है. गठबंधन करके हमने बड़े मानवतावादी लक्ष्य को लेकर हमने चुनाव लड़ा था, लेकिन दुख की बात है कि इसमें हमको सफलता नहीं मिल पाई है.

हालांकि मायावती ने अस्थाई तौर पर सपा से दूरी बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में हमें लगेगा कि सपा प्रमुख अपने लोगों को भी जोड़ने में कामयाब रहे तो हम आगे भी साथ में चुनाव लड़ सकते हैं.  

लोकसभा में कैसा रहा परिणाम

लोकसभा चुनाव में एसपी-बीएसपी (SP-BSP) मिलकर लड़े थे, हालांकि उसके बाद भी उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. लोकसभा चुनाव में यूपी में समाजवादी पार्टी को महज 5 सीटें मिली हैं, जबकि पिछले चुनाव में एक भी सीटें न जीत पाने वाली बीएसपी (BSP) को 10 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

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