Happy Birthday Akhilesh: जानिए कैसा रहा अखिलेश का सिडनी से सियासत तक का सफर

नई दिल्ली. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का आज 47वां जन्मदिन है.

अखिलेश यादव उर्फ टीपू का जन्म 1 जुलाई, 1973 को यूपी के इटावा जिले में एक छोटे से गांव सैफई में हुआ. ये वही सैफई (SaifaI) है जहां हर साल एक रंगारंग कार्यक्रम होता था और फिल्मी जगत की मशहूर हस्तियां सैफई महोत्सव में बड़े-बड़े नेताओं और बिजनेसमैनों का जमावड़ा लगता था.

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों राजनीति से दूर होकर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं. वो हर साल अपनी बर्थडे (Birthday) पर परिवार के साथ विदेश जाते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि अखिलेश यादव वहां से जल्दी ही वापस लौटकर पार्टी में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं.

  • बचपन में लोग अखिलेश यादव को टीपू (Teepu) बुलाते थे लेकिन आज संविधान से लेकर संसद के गलियारों तक दुनिया उन्हें अखिलेश यादव के नाम से जानती है.
  • 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश ने पूरे प्रदेश की यात्रा की. इसका नतीजा था कि सपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की. जिसके बाद मुलायम सिंह (Mulayam Singh Yadav) यादव ने बड़ा फैसला लेते हुए अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया.
  • टीपू जब छोटे थे तभी उनकी मां का देहान्त हो गया था, बचपन में ही मां का साया सर से उठ जाने की वजह से चाचा शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Yadav) और उनके परिवार ने ही टीपू का खयाल रखा.
  • इटावा के सेंट मैरी स्कूल में कई बार चाचा की साइकिल पर बैठकर टीपू स्कूल जाया करते थे. स्कूल में भी अखिलेश के गार्जियन उनके चाचा शिवपाल और चाची सरला ही थीं.
  • टीपू के स्कूल की पढ़ाई राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल से हुई. बाद में वो सिडनी यूनिवर्सिटी से इनवायरमेंट इंजीनियरिंग में डिग्री लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए. सिडनी में पढ़ाई के दौरान उन्हें पॉप म्यूजिक का चस्का लगा. उन्हें किताबों और फिल्मों का भी शौक है.
  • एक कॉमन फ्रेंड के जरिए अखिलेश यादव और डिंपल की पहली मुलाकात हुई थी. दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे थे और शादी कर ली. तमाम गतिरोधों के बावजूद 24 नवंबर, 1999 को डिंपल और अखिलेश की शादी हो गई.
  • अखिलेश और डिंपल (Dimple Yadav) की शादी के लिए एक दौर में सपा के वफादार रहे अमर सिंह (Amar Singh) ने मुलायम सिंह को मनाया था.
  • साल 2004 में फिर से आम चुनाव हुए और अखिलेश यादव दूसरी बार लोकसभा के लिए चुने गए. अखिलेश ने लोकसभा में हैट्रिक मारते हुए 2009 में एक बार फिर जीत हासिल की. इस बार की जीत ने अखिलेश को विरोधियों के चेहरे का सबसे बड़ा सवाल बना दिया.
  • SP के टूटने की खबरें सामने आने लगी थीं. इसी बीच पार्टी के हाईकमान का एक फैसला टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज बन गया. अखिलेश और उनके चाचा रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.
  • 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुलायम राजनीतिक विरासत को लेकर शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच वर्चस्व की जंग हुई. इसमें अखिलेश सब पर भारी पड़े और पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली.
  • महज 38 साल की उम्र में अखिलेश यूपी के 33वें मुख्‍यमंत्री बने. सूबे में सबसे कम उम्र में मुख्‍यमंत्री बनने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है.

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